उत्तराखंड के मसूरी में शनिवार (24 जनवरी 2026) को कथित तौर पर हिंदू रक्षा दल के सदस्यों ने एक मजार में तोड़फोड़ की। यह मजार सूफी संत बुल्ले शाह से जुड़ी बताई जा रही थी और माना जा रहा है कि यह 100 साल से ज्यादा पुरानी थी। हालाँकि, बुल्ले शाह की असली मजार पाकिस्तान में स्थित है। इस घटना के बाद एक स्थानीय निवासी अकरम खान की शिकायत पर संगठन के 3 सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह मजार विनबर्ग-एलन स्कूल की निजी जमीन पर स्थित थी, जो मसूरी के बाला हिसार इलाके में है। हालाँकि, इस मामले में स्कूल प्रशासन की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
स्कूल की जमीन पर बनी थी मजार
पुलिस के अनुसार, जिस ढाँचे में तोड़फोड़ की गई उसका नाम ‘बाबा बुल्ले शाह मजार’ था। जिस जमीन पर यह मजार बनी थी वह एक प्रतिष्ठित सह-शिक्षा बोर्डिंग स्कूल विनबर्ग-एलन स्कूल की संपत्ति है। इस मामले में वरिष्ठ उप निरीक्षक सतिंदर भाटी ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने क्या कहा?
ऑपइंडिया ने इस मामले में दर्ज FIR की कॉपी हासिल की है। मसूरी के स्थानीय निवासी अकरम खान ने मसूरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि शाम करीब 6:45 बजे 25 से 30 लोग हथौड़े और लोहे की रॉड लेकर मजार में घुस आए। उनका आरोप है कि वहाँ रखी मजहबी किताबों का अपमान किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनमें से एक व्यक्ति ने मजार की दीवार पर पेशाब किया। अकरम खान का कहना है कि यह सब जानबूझकर धार्मिक तनाव फैलाने के इरादे से किया गया।

इस मामले में तीन लोगों हरि ओम, शिवाउ और श्रद्धा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(b) और 298 के तहत FIR दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर घटना का एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक समूह मजार में घुसकर तोड़फोड़ करता दिख रहा है। हालाँकि, पुलिस का कहना है कि इस वीडियो की सत्यता की अभी जाँच की जा रही है।
पुलिस-प्रशासन ने क्या कहा?
मसूरी के SDM राहुल आनंद ने बताया कि यह मजार स्कूल की जमीन पर स्थित थी और स्कूल प्रशासन की ओर से न तो अतिक्रमण की और न ही नुकसान की कोई शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इलाके में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
हिंदू रक्षा दल ने ली जिम्मेदारी
इस मामले में हिंदू रक्षा दल के राज्य प्रमुख ललित शर्मा ने एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने मजार को गिराने की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस घटना के पीछे उनके संगठन के सदस्य ही थे। वीडियो में ललित शर्मा यह कहते हुए नजर आए कि मजार एक अतिक्रमण थी और इसे हटाने का इरादा घटना से कुछ दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से बताया जा चुका था।
बाबा बुल्ले शाह जिनके नाम पर इस मजार का नाम रखा गया था एक पंजाबी सूफी कवि थे। उनकी असली मजार पाकिस्तान में स्थित है। यह साफ नहीं है कि मसूरी की यह मजार वास्तव में उनसे जुड़ी थी या फिर यह किसी और बुल्ले शाह के नाम पर बनाई गई थी।

