बांग्लादेश में फिर इस्लामी कट्टरपंथियों का उत्पात, मशहूर सिंगर जेम्स के कॉन्सर्ट में जबरन घुसकर किया पथराव: 20+ छात्र घायल, वीडियो वायरल

बांग्लादेश के फरीदपुर जिले में एक स्कूल की 185वीं वर्षगाँठ का जश्न शुक्रवार (26 दिसंबर 2025) की रात अचानक हिंसा और अफरा-तफरी में बदल गया। देश के लोकप्रिय रॉक गायक जेम्स (नागर बाउल) का कॉन्सर्ट इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ के हमले के बाद आखिरी क्षणों में रद्द करना पड़ा। इस हमले में 20 से ज्यादा छात्र घायल हो गए। हमले के वीडियोज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग पत्थरबाजी करते दिखाई दे रहे हैं।

कॉन्सर्ट से ठीक पहले हिंसा, पत्थरबाजी से मची भगदड़

फरीदपुर जिला स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के तहत जेम्स को रात करीब 9:30 बजे मंच पर आना था। हजारों छात्र, पूर्व छात्र और स्थानीय लोग इस प्रस्तुति का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से कुछ ही मिनट पहले हालात अचानक बिगड़ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, बाहरी लोगों का एक समूह जबरन परिसर में घुसने की कोशिश करने लगा। सुरक्षा कर्मियों और आयोजकों द्वारा रोके जाने पर यह समूह हिंसक हो गया और मंच व दर्शकों की ओर ईंट-पत्थर फेंकने लगा।

पत्थरबाजी के कारण कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ मच गई। मंच के सामने मौजूद कई छात्र ईंट लगने से घायल हो गए, जिनमें से कई के सिर और हाथ-पैर में चोटें आईं। घायल छात्रों की संख्या 15 से 25 के बीच बताई जा रही है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि छात्रों ने भी हमलावरों का विरोध किया और किसी तरह उन्हें स्कूल परिसर से बाहर खदेड़ा।

प्रशासन का हस्तक्षेप, सुरक्षा कारणों से शो रद्द

स्थिति बिगड़ते देख जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। रात करीब 10 बजे आयोजन समिति के संयोजक डॉ मोस्ताफिजुर रहमान शमीम ने मंच से घोषणा की कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जेम्स का कॉन्सर्ट रद्द किया जा रहा है। यह निर्णय फरीदपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर लिया गया।

इस बीच, जेम्स और उनकी टीम को सुरक्षा घेरे में तुरंत कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाला गया। कलाकार या उनके बैंड के किसी सदस्य के घायल होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। आयोजन समिति की प्रचार एवं मीडिया उप-समिति के संयोजक राजिबुल हसन खान ने कहा कि कॉन्सर्ट की सभी तैयारियाँ पूरी थीं, लेकिन अचानक हुई हिंसा ने सब कुछ बदल दिया। उन्होंने बताया कि पत्थरबाजी में घायल अधिकांश लोग स्कूल के छात्र थे।

कार्यक्रम रद्द कराने का ही था उद्देश्य

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस्लामी कट्टरपंथी कार्यक्रम के विरोध में थे और ऐसे आयोजनों को बंद करने की माँग कर रहे थे। हालाँकि, पुलिस और प्रशासन ने अभी तक हमलावरों की पहचान या उनके किसी संगठन से संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद इलाके में पुलिस की भारी तैनाती कर दी गई और देर रात तक स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। किसी गिरफ्तारी की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी है।