इजराइली शहर हाइफा में आजादी की जंग में बलिदानी देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर हाइफा के मेयर योना याहाव ने कहा कि शहर की स्कूली किताबों में यह बदलाव किया जा रहा है कि ओटोमन शासन से आजाद कराने वाले अंग्रेज़ नहीं, बल्कि भारतीय सैनिक थे।\
हाइफा के मेयर योना याहाव ने कहा, “मैं इसी शहर में पैदा हुआ और यहीं से स्नातक किया। हमें लगातार यही बताया जाता था कि इस शहर को अंग्रेजों ने आजाद कराया था। एक दिन हिस्टोरिकल सोसाइटी के किसी व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने गहन शोध किया है और पाया है कि इस शहर को ओटोमन शासन से मुक्त कराने वाले ब्रिटिश नहीं, बल्कि भारतीय थे।”
VIDEO | The Israeli city of Haifa on Monday paid tributes to fallen Indian soldiers, with the Mayor noting that the city's school history books are being changed to correct that it was Indian troops and not the British who liberated the city from Ottoman rule.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 29, 2025
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मेयर ने यह टिप्पणी बलिदानी देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित एक समारोह में कही। मेयर याहाव ने कहा, “हर स्कूल में हम पाठ्य सामग्री बदल रहे हैं और कह रहे हैं कि हमें आजाद कराने वाले अंग्रेज नहीं, बल्कि भारतीय थे।”
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, भालों और तलवारों से लैस भारतीय घुड़सवार रेजिमेंटों ने तमाम मुश्किलों के बावजूद माउंट कार्मेल की चट्टानी ढलानों से ओटोमन सेनाओं को खदेड़कर शहर को आजाद कराया था। ज्यादातर इतिहासकार इस युद्ध को “इतिहास का अंतिम महान घुड़सवार युद्ध” मानते हैं।
मेयर याहाव ने 2009 में इसी स्थान पर आयोजित पहले समारोह के दौरान कहा था कि हाइफा की इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में भारतीय सैनिकों ने आजादी की लड़ाई में जो जंग लड़ी, उसे शामिल किया जाएगा। आज ये पाठ्यपुस्तक का हिस्सा है। अब ये भी बताया जाएगा कि सिर्फ भारतीय सैनिकों ने घुड़सवार युद्ध कर ओटोमन शासन को उखाड़ फेंका था।
भारतीय सेना हर साल 23 सितंबर को हाइफा दिवस मनाती है। इस दौरान तीन बहादुर भारतीय घुड़सवार रेजिमेंटों – मैसूर, हैदराबाद और जोधपुर लांसर्स को श्रद्धांजलि दी जाती है। प्रथम विश्व युद्ध के वक्त 23 सितंबर 1918 को 15वीं इंपीरियल सर्विस कैवलरी ब्रिगेड की एक जबरदस्त घुड़सवार कार्रवाई के बाद हाइफा को आज़ाद कराया गया था।
भारतीय मिशन और हाइफा नगरपालिका मिलकर वहाँ बने भारतीय सैनिकों के स्मृति स्थल पर हर साल बहादुर भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित करता है।

