‘अमेरिका के बिना इजरायल का अस्तित्व नहीं’: राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू पर किया तंज, कहा- मैं नहीं होता तो तबाह हो जाते; बेरूत-लेबनान पर हमले से दिखे नाखुश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के बिना इजरायल का अस्तित्व ही नहीं है। उन्होंने लेबनान और हिजबुल्ला के मुद्दे पर इजरायल की आलोचना की है, हालाँकि राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू को अपना खास दोस्त भी बताया है।

ट्रंप ने कहा, “मेरे बिना इजरायल नहीं होता, क्योंकि कोई दूसरा राष्ट्रपति वह काम करने को तैयार नहीं था, जो मैंने किया। बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध रहे हैं, लेकिन अब लेबनान के मामले में बीबी को ज़्यादा ज़िम्मेदार होना होगा।”

लेबनान के हालात की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि कभी लेबनान बेहतरीन देश हुआ करता था। वहाँ प्रोफेसर, डॉक्टर और वकील हुआ करते थे। अब वहाँ हालात बहुत बुरे हैं। लेबनान और हिज्बुल्लाह के साथ इजराइल ने जिस तरह से स्थिति को संभाला है, उससे वो खुश नहीं हैं।

ईरान के साथ हुई डील की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि समझौते के दूसरे चरण तक वार्ता और आसान हो जाएगी। ईरान को आर्थिक मदद की चर्चा के बीच उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी तरह का निवेश ईरान में नहीं करेगा।

इजरायल के राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनके साथ हमारे संबंध अविश्वसनीय रहे हैं। लेकिन अगर अमेरिका युद्ध में शामिल नहीं हुआ होता, तो इजराइल बहुत पहले ही तबाह हो गया होता। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान डील ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने वाली एक दीवार की तरह है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी डील परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खोलने वाली थी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मुझे अच्छी तरह याद है, बीबी वॉशिंगटन आए थे और उन्होंने ओबामा से गुजारिश की थी, हाथ जोड़कर विनती की थी कि वे वह डील न करें। लेकिन ओबामा इजराइल के नहीं, बल्कि ईरान के पक्ष में थे। और उन्होंने वह डील कर ली। वह डील एक बड़ी गलती थी। मैंने उस डील को रद्द कर दिया।”