अलगाववादी शब्बीर शाह गिरफ्तार, NIA कोर्ट ने 10 दिन की रिमांड पर भेजा: आतंकी के जनाजे में देशविरोधी नारेबाजी और सुरक्षाकर्मियों पर हमले का मामला

प्रतिबंधित डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी के प्रमुख शब्बीर शाह को शुक्रवार 17 अप्रैल 2026 को एक आतंकी के जनाजे के दौरान जुलूस में देश विरोधी नारेबाजी और हिंसा करने के 30 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया।

एनआईए की जम्मू स्थित एक विशेष अदालत ने शनिवार (18 अप्रैल 2026) को शाह को 10 दिन की रिमांड पर एनआईए को भेज दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में तीन सप्ताह पहले ही उन्हें जमानत दी थी।

दरअसल 30 साल पहले 17 जुलाई 1996 में श्रीनगर के शेरगढ़ी थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें सुरक्षा बलों की गोलियों का शिकार हुआ आतंकी हिलाल अहमद बेग के सुपुर्द ए खाक के लिए ले जाते वक्त जुलूस निकाला गया था। शब्बीर शाह उसमें शामिल थे और उस जुलूस में नारेबाजी हो रही थी और इस दौरान हथियार से लैस आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे।

 इससे पहल टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 12 मार्च 2026 को जमानत दे दी थी। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में ट्रायल में हो रही लंबी देरी का संतोषजनक कारण नहीं बताया जा सका।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह आदेश दिया था। शाह को जून 2019 में NIA ने गिरफ्तार किया था और उन पर कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने, हवाला के जरिए फंड जुटाने और आतंकियों के परिवारों का समर्थन करने के आरोप लगाए गए थे।