‘मेरी आलोचना करने वाले दिखा रहे नफरत’: हिंदू पत्नी को ईसाई बनाने की इच्छा रखकर घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस, सफाई में बोले- वो नहीं बदलेगी धर्म

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने अपनी हिंदू पत्नी उषा वेंस के ईसाई मजहब अपनाने की इच्छा जताई थी। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारी आलोचना शुरू हो गई, जिसमें कई लोगों ने कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी के हिंदू धर्म का अपमान किया है। इसके बाद अब इस मामले में जेडी वेंस ने प्रतिक्रिया दी है।

जेडी वेंस ने शुक्रवार (31 अक्टूबर 2025) को अपनी पत्नी उषा वेंस के धर्म को लेकर दिए गए बयान पर बचाव करते हुए कहा कि उनकी पत्नी क्रिश्चियन नहीं हैं और उनका धर्म बदलने का कोई इरादा भी नहीं है। वेंस ने इस मुद्दे पर हुई आलोचना को घृणित बताया और आरोप लगाया कि यह ‘ईसाई-विरोधी पूर्वाग्रह (anti-Christian bigotry)’ से प्रेरित है।

जेडी वेंस ने कहा- चाहता हूँ वह मेरे नजरिए को समझें

वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्टीकरण देते हुए लिखा, “वह क्रिश्चियन नहीं हैं और धर्म परिवर्तन की कोई योजना भी नहीं है। लेकिन जैसे हर इंटरफेथ (मिश्रित धर्म) शादी में होता है, मैं भी चाहता हूँ कि एक दिन वह मेरे नजरिए को समझें, फिर भी मैं उन्हें प्यार करता रहूँगा, उनका साथ दूँगा और हम जीवन और आस्था पर बात करते रहेंगे, क्योंकि वह मेरी पत्नी हैं।”

वेंस ने यह भी बताया कि उषा ही वो व्यक्ति हैं जिन्होंने उन्हें सालों पहले दोबारा अपने धर्म से जुड़ने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी मेरे जीवन का सबसे बड़ा आशीर्वाद हैं। उन्होंने ही मुझे अपने धर्म और विश्वास से दोबारा जोड़ने में मदद की।”

अंत में वेंस ने लिखा, “इस तरह की पोस्ट ईसाई-विरोधी कट्टरता को बढ़ावा देती हैं। हाँ, ईसाइयों की भी अपनी मान्यताएँ होती हैं और हाँ, इन मान्यताओं के कई परिणाम होते हैं, जिनमें से एक यह है कि हम उन्हें दूसरों के साथ साझा करना चाहते हैं। यह बिल्कुल सामान्य बात है, और जो कोई भी आपको इसके विपरीत बता रहा है, उसका कोई न कोई एजेंडा जरूर है।”

दरअसल, मिसिसिपी विश्वविद्यालय में Turning Point USA के एक कार्यक्रम के दौरान वेंस ने कहा था कि वे चाहते हैं कि उनकी पत्नी उषा, जो एक हिंदू परिवार से हैं, भविष्य में ईसाई मजहब को अपनाएँ। उन्होंने कहा था, “अधिकतर रविवार वह मेरे साथ चर्च आती हैं। क्या मैं चाहता हूँ कि किसी दिन उन्हें भी वही अनुभव हो जो मुझे चर्च में हुआ था? हाँ, मैं वास्तव में चाहता हूँ।”