जम्मू यूनिवर्सिटी के सिलेबस से हटेगा मोहम्मद अली जिन्ना और इकबाल से जुड़ा पाठ, कमेटी ने की सिफारिश: ABVP कर रहा था हटाने की माँग

जम्मू विश्वविद्यालय के एमए राजनीति विज्ञान पाठ्यक्रम को लेकर उठे विवाद के बीच विभागीय मामलों की समिति (DAC) ने अहम सिफारिश की है। रविवार (22 मार्च 2026) को हुई बैठक में समिति ने मोहम्मद अली जिन्ना, सर सैयद अहमद खान और मोहम्मद इकबाल से जुड़े विषयों को सिलेबस से हटाने का प्रस्ताव रखा है।

यह निर्णय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और छात्रों के विरोध और व्यापक चर्चा के बाद सामने आया है। इस सिफारिश पर अंतिम फैसला मंगलवार (24 मार्च 2026) को होने वाली बोर्ड ऑफ स्टडीज (BoS) की बैठक में लिया जाएगा। संशोधित सिलेबस में जिन्ना को ‘अल्पसंख्यक और राष्ट्र’ विषय के तहत शामिल किए जाने पर छात्रों ने आपत्ति जताई थी।

ABVP ने प्रदर्शन तेज करने की दी थी चेतावनी

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया गया। ABVP जम्मू-कश्मीर के सचिव सन्नक श्रीवत्स के नेतृत्व में छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर जिन्ना से जुड़े पोस्टर फाड़कर विरोध दर्ज कराया था।

श्रीवत्स का कहना था कि जिन्ना, सर सैयद और इकबाल जैसे व्यक्तित्वों को अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है, क्योंकि ये सभी दो-राष्ट्र सिद्धांत और देश के विभाजन से जुड़े रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे विषयों को शामिल करने से पहले विश्वविद्यालय को व्यापक सोच-विचार करना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माँगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

समिति की सिफारिश और आगे की प्रक्रिया

विरोध के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति उमेश राय ने एक समिति गठित की थी। समिति ने गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से सिफारिश की कि एक वर्षीय और दो वर्षीय दोनों एमए पाठ्यक्रमों से इन तीनों नेताओं से जुड़े विषयों को हटाया जाए।

यह प्रस्ताव अब बोर्ड ऑफ स्टडीज के पास भेजा गया है, जहाँ मंगलवार (24 मार्च 2026) को इस पर चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत पाठ्यक्रम को अधिक समकालीन और राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।