दिल्ली के JNU में विजयादशमी (2 अक्टूबर 2025) के मौके पर बड़ा विवाद हो गया। ABVP के छात्रों ने रावण के पुतले के साथ अफजल गुरु, उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे आतंकियों और देश विरोधी माने जाने वाले लोगों की तस्वीरें भी जलाईं। इसी बात पर वामपंथी छात्र संगठन (AISA, SFI, DSF) भड़क गए।
जब दुर्गा विसर्जन शोभायात्रा निकाली जा रही थी, तो वामपंथी छात्रों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘जो कु@#या की चाल चलेगा, वो कु@#या की मौत मरेगा’ जैसे नारे लगाए। वामपंथी छात्रों ने यात्रा पर चप्पलें, जूते और पत्थर फेंके, जिससे कई छात्र घायल हो गए।
विवाद की जड़: ‘नक्सलियों’ का दहन
JNU में विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन का कार्यक्रम था। ABVP ने इस मौके पर एक अनोखा रावण बनाया, जिसे उन्होंने ‘नक्सली विचारधारा वाला रावण‘ कहा। इस रावण के पुतले पर अफजल गुरु, उमर खालिद, शरजील इमाम और चारू मजूमदार जैसे लोगों की तस्वीरें लगाई गई थीं। ABVP का कहना है कि उन्होंने देश विरोधी विचारों का विरोध करने के लिए ऐसा किया। जैसे ही रावण दहन हुआ, वामपंथी छात्र भड़क गए।
विसर्जन यात्रा पर हमला और नारेबाजी
रावण दहन के बाद जब दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा निकाली जा रही थी, तो साबरमती टी-प्वाइंट पर वामपंथी छात्रों ने इस पर हमला कर दिया। ABVP का आरोप है कि वामपंथी छात्रों ने यात्रा पर चप्पलें, जूते और पत्थर फेंके।
Shocking but not new!
— ABVP (@ABVPVoice) October 2, 2025
The Leftist goons of SFI, DSF, AISA once again insulted our faith by disrupting the Durga Mata Visarjan on Dussehra eve inside JNU Campus. This is not protest, it is a direct attack on Hindu beliefs, our festivals, and Bharatiya civilisation’s soul. Every… pic.twitter.com/K1oyi4Q5lf
वामपंथी छात्रों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद‘ के साथ ‘जो कु@#या की चाल चलेगा, वो कु@#या की मौत मरेगा’ जैसे भड़काऊ और आपत्तिजनक नारे लगाए। इस झड़प में कई छात्र, जिनमें छात्राएँ भी शामिल थीं, घायल हो गए।
JNU is not in Pakistan, it's located in the capital of India and yet Hindu students can't celebrate Dusshera here?
— Mr Sinha (@MrSinha_) October 2, 2025
The same campus organise Iftar, Eid celebration etc without any trouble…
These leftists need proper treatment…
pic.twitter.com/DKNFWqbjCR
ABVP ने आरोप लगाया कि JNU छात्रसंघ अध्यक्ष नीतीश कुमार की अगुवाई में यह हमला एक सोची-समझी साजिश थी। उनका दावा है कि वामपंथी छात्रों ने जानबूझकर अपना विरोध कार्यक्रम उस जगह पर शिफ्ट कर दिया, जहाँ से विसर्जन यात्रा गुजरनी थी।
संस्कृति और आस्था पर हमले का आरोप
ABVP JNU अध्यक्ष मयंक पंचाल ने इसे आस्था पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि वामपंथी संगठनों ने इस पवित्र त्योहार को हिंसा और नफरत से दूषित कर दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम पर नहीं, बल्कि छात्रों की आस्था और JNU की संस्कृति पर किया गया सीधा हमला है।
JNUSU के संयुक्त सचिव वैभव मीणा (जो ABVP से जुड़े हैं) ने भी वामपंथी छात्रों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस हिंसा से भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनकी नफरत साफ दिखती है। उन्होंने कहा कि वे खुद को प्रगतिशील कहते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा त्योहारों का अपमान यही लोग करते हैं। ABVP ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।

