‘दूसरी बीवी का हवाला देकर पहली का हक नहीं छीन सकते’: दूसरे निकाह पर शौहर को HC ने फटकार, मेंटेनेंस पर सभी बहाने किए खारिज

केरल हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ किया है कि कोई भी मुस्लिम व्यक्ति अपनी पहली बीवी को गुजारा भत्ता देने से बच नहीं सकता। वह इसके लिए दूसरी बीवी की जिम्मेदारी या बेटे से मिल रही वित्तीय मदद का बहाना नहीं बना सकता।

जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम कानून में एक से ज्यादा निकाह (बहुविवाह) सिर्फ ख़ास हालात में और सभी बीवियों के साथ बराबरी का व्यवहार करने की कड़ी शर्त पर ही जायज है। दूसरा निकाह करने से पहली बीवी के प्रति व्यक्ति की आर्थिक जिम्मेदारी खत्म नहीं होती।

कोर्ट ने क्यों दिया यह फैसला?

जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने यह फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम शौहर को एक से ज्यादा बीवियाँ रखने का ‘स्थापित अधिकार’ नहीं है। मुस्लिम कानून में एक ही निकाह (एकविवाह) नियम है और बहुविवाह अपवाद है। कोर्ट ने जोर दिया कि ‘सभी बीवियों के साथ न्याय करना’ केवल भावनात्मक व्यवहार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक सहायता में बराबरी भी शामिल है।

कुरान (IV: 3) की उस आयत का हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई अपनी सभी बीवियों के साथ न्याय नहीं कर सकता तो उसे केवल एक ही निकाह करना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पहले निकाह के रहते हुए दूसरा निकाह करता है तो वह यह कहकर गुजारा भत्ता देने से इनकार नहीं कर सकता कि उसके पास पहली बीवी के लिए पैसे नहीं हैं।

शौहर के तर्क हुए खारिज

यह विवाद तब शुरू हुआ जब पहली बीवी ने गुजारा भत्ता माँगा। शौहर ने कोर्ट में दलील दी कि वह अब बेरोजगार है और पहली बीवी अपना ब्यूटी पार्लर चलाकर खुद कमा रही है। उसने यह भी कहा कि वह दूसरी बीवी की देखभाल के लिए जिम्मेदार है। शौहर ने बेटे से गुजारा भत्ता दिलाने की माँग भी की, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि बीवी को शौहर से गुजारा भत्ता पाने का अधिकार बेटे से मिलने वाली किसी भी मदद से अलग है।

शौहर ने कहा कि बीवी बिना किसी कारण के अलग रह रही है। इस पर कोर्ट ने साफ कहा कि पहली बीवी की सहमति के बिना दूसरी बीवी करना ही अलग रहने के लिए पर्याप्त कारण है। कोर्ट ने शौहर की सभी दलीलें खारिज कर दीं और फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराया। इसके तहत पहली बीवी को हर महीने ₹5,000 का गुजारा भत्ता देने का फैसला बरकरार रखा गया।