कॉन्ग्रेस पार्टी को स्थापना दिवस पर बड़ा झटका लगा है। केरल के त्रिशूर स्थित मट्टथुर कोडकारा में स्थानीय निकाय चुनाव में जीते 8 निर्वाचित सदस्यों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। सभी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गठबंधन से हाथ मिला लिया है। अब कॉन्ग्रेस के बागी सदस्य टेसी जोस कल्लरयक्कल नवगठित पंचायत के नए अध्यक्ष बन गए हैं।
#Kerala | Eight Congress councillors who resigned from the party joined hands with the BJP to elect independent candidate Tessy Jose Kallarakkal as the president of Thrissur's Mattathur grama panchayat on Saturday. https://t.co/LJojh9kwX0
— The New Indian Express (@NewIndianXpress) December 27, 2025
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मट्टथुर ग्राम पंचायत में अचानक फेर बदल हुआ, जब पंचायत के सभी आठ कॉन्ग्रेस सदस्य एक साथ पार्टी छोड़कर बीजेपी का समर्थन करने लगे और पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया। स्वतंत्र उम्मीदवार टेसी जोस कल्लारक्कल, जो स्वतंत्र के रूप में चुनाव जीत चुके थे, पूर्व कॉन्ग्रेस सदस्यों और बीजेपी के समर्थन से पंचायत अध्यक्ष चुने गए।
24 सदस्यीय पंचायत में पहले कोई स्पष्ट बहुमत नहीं था। लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के पास 10 सीटें, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के पास 8 सीटें और नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (NDA) के पास 4 सीटें थीं।
इसके अलावा दो स्वतंत्र सदस्य थे। अध्यक्ष चुनाव में टेसी जोस कल्लारक्कल को 12 वोट मिले, जिसमें सभी आठ पूर्व कॉन्ग्रेस सदस्य और बीजेपी के चार में से तीन सदस्य शामिल थे। एक बीजेपी सदस्य का वोट अमान्य घोषित कर दिया गया। कॉन्ग्रेस से बगावती होकर स्वतंत्र बने के आर उसफ को LDF के समर्थन से 10 वोट मिले।
यह बदलाव उस समय हुआ जब LDF कॉन्ग्रेस बगावती सदस्य के साथ मिलकर प्रशासन बनाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन अचानक पूरे कॉन्ग्रेस समूह का पार्टी छोड़कर बीजेपी के साथ जुड़ जाना, कॉन्ग्रेस नेतृत्व के लिए झटका साबित हुआ।
कॉन्ग्रेस सदस्यों ने अपने इस्तीफे में कहा कि यह कदम पार्टी नेतृत्व द्वारा मंडल कॉन्ग्रेस समिति और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय और उपेक्षा के विरोध में उठाया गया। उनका कहना था कि पार्टी के कार्य करने के तरीके से वे असंतुष्ट थे।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, CPI(M) त्रिशूर जिला समिति के सचिव के वी अब्दुल खालिद ने कहा कि कॉन्ग्रेस सदस्यों का बीजेपी से गठबंधन एक योजनाबद्ध कदम था, जिसे कॉन्ग्रेस नेतृत्व की जानकारी में किया गया। उन्होंने कहा कि आठ प्रतिनिधियों ने अपने मतदाताओं का भरोसा तोड़ा और बीजेपी की राजनीति के साथ खड़े हो गए। खालिद ने कहा कि ऐसे गठबंधन कॉन्ग्रेस की जमीनी ताकत को कमजोर करेंगे और उन्होंने चेतावनी दी कि इस राजनीतिक गठजोड़ के खिलाफ एक मजबूत जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

