कॉन्ग्रेस पार्षद ने 24 सितंबर 2025 को लेह में इकट्ठा होने का लोगों से आग्रह किया। बाद में एक भीड़ ने बीजेपी लद्दाख कार्यालय, हिल काउंसिल और सीआरपीएफ वाहन में आग लगा दी।
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कॉन्ग्रेस पार्षद के प्रेस कॉन्फ्रेस को ट्वीट करते हुए पूरी जानकारी शेयर की है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के जेन जी का आह्वान इसलिए किया था। राहुल गाँधी ने ट्वीट भी किया था जिसमें जेन जी युवाओं का जिक्र था।
At a press conference yesterday, Congress councillor from Saspol, Smanla Dorjey Norboo, openly challenged the administration, daring them to deploy more CRPF personnel and insisting that even a larger security presence would not stop demonstrators from reaching the BJP Ladakh… pic.twitter.com/MVDNDGq5cH
— Amit Malviya (@amitmalviya) September 24, 2025
लद्दाख को राज्य का दर्जा दिए जाने की माँग को लेकर हुई बुधवार (24 सितंबर 2025) को हुई हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से ज्यादा लोग घायल हैं। इस हिंसा में 40 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के जवान भी घायल हुए हैं।
हिंसा के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। ज़िले में पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ जमा होने पर रोक लगा दी गई है। ज़िला मजिस्ट्रेट के एक आदेश में कहा गया है कि लेह में बिना पूर्व लिखित अनुमति के कोई भी जुलूस, रैली या मार्च नहीं निकाला जाएगा।
विरोध का चेहरा माने जाने वाले सोनम वांगचुक ने 15 दिनों से चल रहा भूख हड़ताल खत्म कर दिया है। उन्होंने हिंसा पर दुख जताते हुए इसे युवाओं का गुस्सा और जेन जी की क्रांति कहा है। सोनम वांगचुक पर हिंसा के लिए लोगों को भड़काने के आरोप भी लगे हैं। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने हिंसा को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा है कि लद्दाख में हिंसा अपने आप नहीं भड़का बल्कि इसे जानबूझकर भड़काया गया।
उन्होंने कहा है कि लद्दाख के लोग, खासकर युवा, सियासी पैंतरेबाजी और सोनम वांगचुक की महत्वाकांक्षाओं की कीमत चुका रहे हैं। उन्होंने सवाल किया है कि जब 6 अक्टूबर को केंद्र ने कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) और एबीएल को बातचीत के लिए बुलाया था। एबीएल के नए सदस्यों को भी वार्ता में शामिल कर लिया था, तब क्यों हिंसा भड़काई गई।

