उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) प्रशासन ने परिसर में बनी छह मजारों को पूरी तरह अवैध और लावारिस घोषित कर दिया है। विश्वविद्यालय की जाँच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कई बार नोटिस जारी करने और सुनवाई का अवसर देने के बावजूद किसी भी मजार का वैध संचालक, ट्रस्ट या अधिकृत समिति सामने नहीं आई।
प्रशासन के अनुसार, केवल एक व्यक्ति ने जवाब दिया लेकिन वह भी कोई कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद सभी मजारों को अतिक्रमण मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी गई है। KGMU प्रशासन का कहना है कि इन निर्माणों के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को दिक्कत हो रही थी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अतिरिक्त समय दिए जाने के बावजूद कोई दावा पेश नहीं किया गया। विश्वविद्यालय ने पूरी रिपोर्ट रजिस्ट्रार और राज्य सरकार को सौंप दी है और बुलडोजर कार्रवाई के लिए अंतिम अनुमति माँगी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्याप्त पुलिस बल और अधिकारियों की मौजूदगी मिलते ही किसी भी समय अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएँगे।

