यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोपों में घिरे KGMU के डॉक्टर रमीज के मामले में अब पुलिस के साथ STF ने भी जाँच की कमान संभाल ली है। जाँच का दायरा बढ़ता देख रमीज से जुड़े कई मेडिकल स्टाफ और सहयोगियों में हड़कंप मच गया है। डॉक्टर रमीज के जेल भेजे जाने के बाद जैसे-जैसे प्रकरण की जाँच तेज हुई KGMU के कई विभागों में सन्नाटा पसर गया है।
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, रमीज के कई करीबियों ने अपने मोबाइल फोन फॉर्मेट कर दिए हैं और वॉट्सऐप पर हुई बातचीत को भी डिलीट कर दिया गया है। डॉक्टर रमीज के कई नजदीकी लोग अंडरग्राउंड हो गए हैं। उसका एक करीबी रेजिडेंट जो पहले दो हिंदू महिला डॉक्टरों पर नजर रखता था उसने भी अचानक उनसे दूरी बना ली है। घटना से पहले वही रेजिडेंट उन महिला स्टाफ के साथ घंटों समय बिताता, बातचीत और खान-पान करता देखा जाता था लेकिन अब वह उनके आसपास तक नजर नहीं आ रहा है।
हालाँकि, जाँच एजेंसियाँ रमीज के क़रीबियों से जुड़ा पूरा डाटा जुटा चुकी हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर जल्द ही उनसे पूछताछ की तैयारी है। जरूरत पड़ने पर उनके मोबाइल फोन जब्त कर डेटा रिकवरी भी कराई जाएगी। जाँच आगे बढ़ने के साथ ही आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, KGMU के अलावा आगरा, बस्ती समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर और कर्मचारी ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नाम के वॉट्सऐप ग्रुप से बाहर निकलने लगे हैं या फिर उसमें पोस्ट और कमेंट करना बंद कर चुके हैं। इससे पहले जाँच में पता चला था कि रमीज भगौड़े इस्लामी कट्टरपंथी जाकिर नाइक से प्रेरित था और उसके मोबाइल में जाकिर के वीडियो मिले थे।

