कॉन्ग्रेस नेता असद जिलानी ने भारत माता को कहा- ‘डायन’, गुस्साए लोगों ने फूँका पुतला: मध्य प्रदेश पुलिस ने किया गिरफ्तार, कान पकड़कर ‘भारत माता की जय’ के लगवाए नारे

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र से कॉन्ग्रेस नेता असद खान जिलानी को भारत माता पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब जिलानी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर जारी की गई एक स्मृति सिक्के की फेसबुक पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए भारत माता को ‘डायन’ कह दिया।

जिलानी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “इस डायन की पूजा पिशाच करें। जिसके हाथ में तिरंगा नहीं, वह हमारी भारत माता नहीं।” यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। विशेष रूप से विश्व हिंदू परिषद (VHP) जैसे संगठनों और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने जिलानी पर राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप लगाया। सिरोंज थाने में कई शिकायतें दर्ज कराई गईं।

गुरुवार (2 अक्टूबर 2025) को स्थानीय लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया, जिलानी का पुतला फूँका और उनकी तस्वीर को पैरों से रौंदते हुए ‘जय श्री राम’ और ‘देशद्रोहियों को सजा दो’ जैसे नारे लगाए। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय निवासी चक्रेश्वर दयाल श्रीवास्तव की शिकायत समेत कई शिकायतों के आधार पर असद जिलानी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत केस दर्ज किया।

गुरुवार (2 अक्टूबर 2025) की शाम को जब जिलानी कथित तौर पर भागने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौरान पुलिस ने उन्हें शमशाबाद के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें सिरोंज की सड़कों पर घुमाया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जिलानी अपने कान पकड़कर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए चल रहे हैं और उनके साथ पुलिसकर्मी मौजूद हैं।

सिरोंज थाने के प्रभारी विमलेश राय ने पुष्टि की कि यह कार्रवाई जनता की भावनाओं और शांति बनाए रखने के लिए की गई। शनिवार (4 अक्टूबर 2025) को कोर्ट में पेशी के दौरान उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस अब उनके पुराने सोशल मीडिया पोस्ट की भी जाँच कर रही है ताकि पता चल सके कि उन्होंने पहले भी ऐसे कोई भड़काऊ बयान दिए हैं या नहीं। इसके अलावा, कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि असद जिलानी और उनके परिवार ने दलित परिवारों के लिए आवंटित सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। प्रशासन अब इस मामले की भी जाँच कर रहा है।