मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार (30 अप्रैल 2026) शाम तेज आँधी-तूफान के बीच पर्यटकों से भरा क्रूज अचानक असंतुलित होकर गहरे पानी में डूब गया। इस घटना में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। प्रशासन के अनुसार, अभी भी 15 से अधिक लोग लापता हैं और उनकी तलाश के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसा डैम के किनारे से करीब 300 मीटर अंदर हुआ जहाँ पानी काफी गहरा है। अचानक बदले मौसम ने पूरे घटनाक्रम को कुछ ही मिनटों में भयावह बना दिया। तेज हवाओं और ऊँची लहरों के कारण क्रूज अपना संतुलन खो बैठा और संभलने का मौका तक नहीं मिला। शुरुआती बचाव कार्य स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीमों ने शुरू किया लेकिन रात के अँधेरे और खराब मौसम के कारण अभियान में बाधाएँ आईं। शुक्रवार सुबह होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन को फिर से तेज कर दिया गया।
#WATCH | Madhya Pradesh | Morning visuals from the spot as search and rescue operations are underway at Bargi Dam in Jabalpur. Four dead and 15 people have been rescued so far after a cruise capsized in the dam. pic.twitter.com/ysYb5MyYQF
— ANI (@ANI) May 1, 2026
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें तेज लहरों के बीच क्रूज गहरे पानी में समाता नजर आ रहा है।
A cruise boat capsized in the Narmada River near Jabalpur, India with around 30 people on board. Four bodies recovered so far. Several still missing. pic.twitter.com/Psfw3BYo18
— Open Source Intel (@Osint613) April 30, 2026
हादसे की गंभीरता को देखते हुए अब बचाव कार्य में राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियाँ भी जुट गई हैं। भारतीय सेना के जवानों के साथ विशेष रेस्क्यू टीमें मौके पर तैनात हैं। आधुनिक उपकरणों और भारी मशीनों की मदद से डूबे हुए क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है जिससे अंदर फँसे लोगों तक पहुँचा जा सके।
इस बीच, शुरुआती जाँच में लापरवाही का पहलू भी सामने आ रहा है। मौसम विभाग ने पहले ही तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की थी इसके बावजूद क्रूज को पानी में उतार दिया गया। यही फैसला अब सवालों के घेरे में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि का ऐलान किया है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि राहत और बचाव कार्य पूरी संवेदनशीलता और तेजी के साथ जारी रहेगा।

