मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को तिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ी से जुड़े मामले में मदुरै जिला प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने नाराजगी जताई कि प्रशासन ने उसके खिलाफ दर्ज अवमानना याचिका पर तय समय के बावजूद कोई लिखित जवाब दाखिल नहीं किया।
यह मामला उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें हाई कोर्ट ने तिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ी पर स्थित पत्थर के स्तंभ पर कार्तिगई दीपम जलाने की अनुमति दी थी, लेकिन प्रशासन उस आदेश को लागू करने में विफल रहा।
#Thiruparankundram case: Madras HC Justice GR Swaminathan expresses displeasure over Madurai authorities failure to file response till date to contempt of court case over failure to light lamp.
— Bar and Bench (@barandbench) January 9, 2026
Judge says he will post the matter on Monday for framing of contempt charges. pic.twitter.com/QTGzUXzn5A
कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर सख्त टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने जिला कलेक्टर और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों ने पहले तो कोर्ट के मूल आदेश की अवहेलना करते हुए दीपम जलाने से रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी और बाद में, जब यह निषेधाज्ञा रद्द कर दी गई, तब भी कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया।
कोर्ट ने इस रवैये को गंभीर मानते हुए कहा कि चार सप्ताह का समय दिए जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद कोर्ट ने मामले को सोमवार (12 जनवरी 2026) को अवमानना के आरोप तय करने के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
Court also asks why temple management has not filed criminal trespass case against Dargah for tying a flag on temple property.
— Bar and Bench (@barandbench) January 9, 2026
Judge: That is temple property. How did you permit tying of flag by dargah?#Thiruparankundram #MadrasHighCourt
दरगाह के खिलाफ आपराधिक अतिक्रमण का केस दर्ज करने के निर्देश
सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वामीनाथन ने मंदिर प्रबंधन से शिकायत दर्ज करने का आग्रह करते हुए पूछा, “यह मंदिर की संपत्ति है। आपने दरगाह को यहाँ झंडा बाँधने की अनुमति कैसे दी?” कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन को दरगाह के खिलाफ आपराधिक अतिक्रमण (क्रिमिनल ट्रेसपास) का मामला दर्ज करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने साफ किया कि जैसे ही ऐसी शिकायत दर्ज होगी, संबंधित पुलिस का कर्तव्य होगा कि वह इस मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई करे।

