लखनऊ यूनिवर्सिटी में नमाज पढ़ने वाले 13 छात्रों को मजिस्ट्रेट का नोटिस, ₹50000 मुचलका भरने के दिए निर्देश: लाल बारादरी सील के विरोध मचाया था हंगामा, पुलिस की रिपोर्ट पर कार्रवाई

लखनऊ यूनिवर्सिटी में लाल बारादरी के बाहर नमाज पढ़ने और विरोध प्रदर्शन करने वाले 13 छात्रों को प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। इन छात्रों ने लाल बारादरी सील होने के बाद हंगामा और नारेबाजी की थी, यहाँ तक की पुलिस की बैरिकेडिंग भी तोड़ी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नोटिस लखनऊ कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने हसनगंज पुलिस की रिपोर्ट पर जारी किया है, जिसमें पुलिस के आरोप हैं कि छात्रों ने परिसर में चल रहे निर्माण कार्य़ को बाधित किया और सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक गतिविधि कर शांति व्यवस्था को खतरे में डाला।

प्रशासन का मानना है कि इस तरह के कृत्यों से छात्रों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हुई, जिससे भविष्य में बड़ी घटना होने की संभावना बनी हुई थी। इसीलिए प्रशासन ने सभी संबंधित 13 छात्रों को निर्देश दिया है कि वे एक साल तक शांति व्यवस्था बनाए रखने की गारंटी के रूप में हर छात्र को ₹50000 का मुचलका और दो जमानतदार पेश करें।

जिन छात्रों को नोटिस भेजा गया है, उनमें प्रिंस प्रकाश, अहमद रजा, शुभम खरवार, तौकीर गाजी, नवनीत यादव, प्रेम प्रकाश यादव, शिवाजी यादव, प्रसन्न शुक्ला, प्रिंस कुमार, अक्षय कुमार वर्मा, अभिषेक श्रीवास्तव, काँची सिंह, मोहम्मद अयाज हसन शामिल हैं।

गौरतलब है कि 22 फरवरी 2026 को लाल बारादरी सील करने के बाद मुस्लिम छात्रों ने उसके गेट के बाहर नमाज अदा की थी। इस दौरान हिंदू छात्रों ने मानव शृंखला बनाकर नमाजियों के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया था। इसके बाद विवाद गहरा गया। ABVP ने नमाज का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें भी सुंदरकांड पढ़ने की इजाजत दी जानी चाहिए। वहीं मुस्लिम छात्रों ने लाल बारादरी के गेट खुलवाने के लिए विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की थी।