मराठी में नहीं की बात तो 19 साल के छात्र को ट्रेन में बेरहमी से पीटा, सदमे में लड़के ने फाँसी लगाई: महाराष्ट्र की घटना

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में भाषा विवाद को लेकर एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। 19 साल के कॉलेज छात्र अर्नव लक्ष्मण खैरे ने लोकल ट्रेन में कुछ घंटों पहले हुई मारपीट के बाद अपने घर में फाँसी लगाकर जान दे दी।

पुलिस के अनुसार, अर्नव ने ट्रेन में सहयात्री से हिंदी में बात करने के लिए कहा था, जिस पर विवाद हुआ और पाँच लोगों ने मिलकर उसे पीटा। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में हिंदी और मराठी भाषा को लेकर राजनीतिक तनाव और बहस तेज है।

वहीं, राजनीतिक विश्लेषक और सलाहकार तहसीन पूनावाला ने छात्र की आत्महत्या की घटना पर बयान जारी करते हुए कहा, “एक 19 साल के लड़के, अर्नव खैरे, ने अपनी जान दे दी क्योंकि उसे लोकल ट्रेन में हिंदी बोलने के लिए परेशान किया गया था। मैं बार-बार कह चुका हूँ कि जिस तरह से राज ठाकरे भाषा के मुद्दों को लेकर महाराष्ट्र में नफरत फैला रहे हैं, उसके खतरनाक परिणाम होंगे।”

ट्रेन में हुई मारपीट, सदमे से छात्र ने दी जान

जानकारी के अनुसार, अर्नव खैरे मुलुंड के एक कॉलेज में BSC का छात्र था। अर्नव मंगलवार (18 नवंबर 2025) की सुबह लोकल ट्रेन से कॉलेज जा रहा था। कल्याण से ठाणे के बीच भीड़ भरी बोगी में उसने एक यात्री से हिंदी में थोड़ा आगे खिसकने को कहा। इस पर उस यात्री ने अर्नव को मराठी न बोलने के लिए डाँटा।

देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि उस यात्री के पाँच साथियों ने मिलकर अर्नव पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने उसे बुरी तरह मुक्कों से पीटा, जिससे वह बहुत डर गया।

घर लौटकर लगा ली फाँसी

ट्रेन में मारपीट से सहमा हुआ अर्नव ठाणे स्टेशन पर उतरा, लेकिन अगली ट्रेन से मुलुंड के लिए रवाना हुआ। हालाँकि, वह कॉलेज में पूरे लेक्चर अटेंड नहीं कर पाया और जल्द ही घर लौट आया। उसने फोन पर अपने पिता जीतेंद्र खैरे को पूरी घटना के बारे में बताया।

शाम को जब अर्नव के पिता घर लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ने पर अर्नव को कंबल से फँदा बनाकर लटका हुआ पाया गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि ट्रेन में हुई मारपीट से मिले मानसिक सदमे के कारण ही उनके बेटे ने आत्महत्या की। पुलिस ने मामला एक्सीडेंटल डेथ के रूप में दर्ज कर लिया है और जाँच जारी है।

महाराष्ट्र में भाषा को लेकर तनाव जारी

यह दिल दहला देने वाली घटना ऐसे समय में सामने आई है जब महाराष्ट्र में हिंदी और मराठी भाषा को लेकर तनाव बढ़ गया है। शिवसेना (UBT) और एमएनएस जैसी पार्टियाँ राज्य सरकार की तीन-भाषा नीति और स्कूलों में कक्षा 1 से हिंदी पढ़ाने के फैसले का विरोध कर रही हैं।

हाल ही में एमएनएस कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाओं ने माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही साफ कर चुके हैं कि राज्य में दोनों समुदायों के बीच कोई विवाद नहीं है, लेकिन जो लोग इस मुद्दे को भड़काएँगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।