अकेलेपन की यह कहानी रुला देगी… रसोई में गिरकर गई पति की जान, बिस्तर पर पड़ी लाचार पत्नी भूख-प्यास-गर्मी से मर गई: घर में सड़ते रहे दोनों के शव, नागपुर का मामला

महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद मार्मिक घटना सामने आई है। एक घर में चलते रेडियो के बीच जब सब सामान्य दिख रहा था, तब अंदर एक बुजुर्ग दंपती की दर्दनाक कहानी खत्म हो रही थी। 40 साल तक एक-दूसरे का सहारा बने पति-पत्नी का अंत बेहद अकेलेपन में हुआ।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वाड़ी थाना क्षेत्र की दवलामेठी स्थित म्हाडा कॉलोनी में शुक्रवार (29 मई 2026) को 77 वर्षीय रिटायर्ड रक्षा कर्मचारी गंगाधर भोंगड़े और उनकी 75 वर्षीय पत्नी कौशल्या मृत पाए गए। दोनों के शव उनके बंद घर में मिले।

शुरुआती जाँच में पुलिस का मानना है कि पति की मौत पहले हुई जिसके बाद बिस्तर पर पड़ी और पूरी तरह उन पर निर्भर पत्नी कई दिनों तक बिना भोजन-पानी के तड़पती रही और आखिरकार गर्मी, डिहाइड्रेशन और भूख के कारण उसकी भी मौत हो गई।

बताया गया है कि गंगाधर भोंगड़े और कौशल्या पिछले करीब 40 वर्षों से साथ रह रहे थे। दंपती की अपनी कोई संतान नहीं थी लेकिन गंगाधर ने कौशल्या की पहली शादी से हुए चार बच्चों को अपनाया था। वे वर्षों तक अपनी बीमार और बिस्तर पर पड़ी पत्नी की देखभाल करते रहे।

इस दर्दनाक घटना का खुलासा तब हुआ जब कौशल्या के दामाद मोहम्मद गौस उनसे मिलने घर पहुँचे। घर बंद था और अंदर से तेज बदबू आ रही थी। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का मंजर बेहद विचलित कर देने वाला था। गंगाधर का शव रसोई में पड़ा मिला जबकि कौशल्या दूसरे कमरे में बिस्तर पर मिलीं।

पुलिस को आशंका है कि गंगाधर रसोई में फिसलकर गिर गए थे और उठ नहीं पाए। उनका मोबाइल शव के पास बंद मिला। दूसरी तरफ, पूरी तरह पति पर निर्भर कौशल्या मदद भी नहीं माँग सकीं। घर के बाहर 27, 28 और 29 मई के अखबार मिलने से अंदाजा है कि यह घटना 26 मई की रात के आसपास शुरू हुई होगी।

गंगाधर ने कुछ दिन पहले अपनी बड़ी बेटी को तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी और अस्पताल जाने की बात कही थी। उन्होंने कौशल्या की देखभाल के लिए किसी को भेजने का अनुरोध भी किया था। बेटी ने जून के पहले सप्ताह में आने का भरोसा दिया था लेकिन इससे पहले ही दोनों की जिंदगी खत्म हो गई।

पुलिस को चोरी, लूटपाट या साजिश के कोई संकेत नहीं मिले हैं। शुरुआती जाँच में इसे बेहद दर्दनाक लेकिन प्राकृतिक मौत माना जा रहा है। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं।