दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट की जाँच में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जाँच एजेंसियों ने गुरुवार (13 नवंबर 2025) को बताया कि यह केवल एक हमला नहीं था, बल्कि 8 आतंकियों ने मिलकर भारत के कई शहरों में एक साथ सीरियल ब्लास्ट करने की खतरनाक योजना बनाई थी।
चार शहरों में धमाके की थी तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकियों ने खुद को चार-चार सदस्यों के दो समूहों में बाँटा था। हर समूह को देश के चार अलग-अलग शहरों में धमाके करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इन सबके पास भारी मात्रा में IED (विस्फोटक उपकरण) ले जाने का जिम्मा था।
Delhi terror blast case | Around eight suspects planned to carry out a serial blast at four locations. They had planned to move to four cities in groups of two each. Each group was supposed to carry multiple IEDs along with them: Investigative Agency Sources
— ANI (@ANI) November 13, 2025
जाँच में सामने आया है कि इस साजिश के लिए डॉ मुजम्मिल, डॉ अदील, उमर और शाहीना ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपए नकद जुटाए थे, जो दिल्ली ब्लास्ट से पहले उमर को दिए गए थे। इसके बाद उन्होंने गुरुग्राम, नूहँ और आसपास के इलाकों से 20 क्विंटल NPK खाद (जिसका इस्तेमाल विस्फोटक बनाने में होता है) 3 लाख रुपए में खरीदा था।
पैसे को लेकर हुआ विवाद और नई प्लानिंग
जाँच एजेंसियों ने यह भी बताया है कि आतंकी उमर और डॉ मुजम्मिल के बीच पैसों को लेकर कुछ विवाद हो गया था। इस विवाद के बाद, उमर ने ‘सिग्नल ऐप’ पर 2-4 सदस्यों का एक अलग ग्रुप बनाया, जहाँ उन्होंने आगे की साजिश पर चर्चा की।
आतंकियों की योजना थी कि वे धमाकों के लिए और भी पुरानी गाड़ियाँ तैयार करें। दिल्ली में तो उन्होंने i-20 और EcoSport जैसी पुरानी गाड़ियों में विस्फोटक रखने का प्लान बनाया ही था, लेकिन वे दो और ऐसी गाड़ियाँ तैयार करने की फिराक में थे ताकि इन धमाकों का असर बड़े इलाके तक हो।
NIA कर रही है गहन जाँच
अब इस गंभीर मामले की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ले ली है। NIA ने पुलिस अधीक्षक (SP) रैंक के वरिष्ठ अधिकारियों वाली एक विशेष टीम बनाई है, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) मॉड्यूल से जुड़े इस बड़े आतंकी नेटवर्क की गहराई से जाँच करेगी।

