उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पकड़ा गया मलखान उर्फ मैथ्यू अब तक 1000 हिंदूओं को ईसाई बना चुका है। खेत में एक हॉल में चर्च बनाकर ‘चंगाई सभा’ आयोजित करता था, जहाँ पिछले दो सालों से धर्मांतरण के लिए दलित लोगों को ब्रेनवॉश कर रहा था।
ब्रेनवॉश होकर दलित महिलाओं ने सिंदूर और बिंदी लगाना बंद कर दिया था, इनका धर्मांतरण हो चुका था। एक फोटो भी सामने आई है, जिसमें कुछ महिलाएँ प्रार्थना गाती दिख रही है। पुलिस का कहना है कि मलखान अपने गिरोह के साथ धर्मांतरण का रैकेट चला रहा था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खेत में बनाए गए चर्च में हर रविवार और गुरुवार चंगाई सभा आयोजित की जाती थी। यहाँ ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा होती थी। सभा में पहुँचने वाले लोगों के लिए खाने पीने का इंतजाम भी किया जाता था। इसके लिए हर दिन 5-6 हजार रुपए खर्च होते थे। गाँव के बाकी लोगों को पहले से शक था कि भीतर कुछ गड़बड़ है। जब भी गाँववाले चर्च के भीतर झाँकते तो मलखान संस्कृत में बोलना शुरू कर देता था, जिससे किसी को उस पर ईसाई धर्म का प्रचार करने का शक न हो।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर चर्च बनाई गई थी, उसकी भी नपाई होनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के मालिक की पहचान उजागर होनी चाहिए। उधर, पुलिस आरोपित के साथियों की तलाश भी कर रही है।
पुलिस ने रविवार (28 सितंबर 2025) को मलखान को गिरफ्तार किया है। उसके पास से बाइबल मिली और प्रचार-प्रसार से जुड़ी और भी कई सामग्री बरामद हुई है। पुलिस अब मलखान के बैंक खाते खंगालना शुरू कर रही है। उसके दो अलग-अलग बैंक खाते हैं। पुलिस को मामले में विदेशी फंडिंग का भी शक है।

