निहत्थे प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तानी फौज ने मारी गोली, पत्रकारों को भी धमकाया: POK में 6 साल की बच्ची की मौत से भड़का माहौल, सैंकड़ों लोग सड़क पर

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में आजादी की माँग जोर-शोर से उठ रही हैं। शनिवार (27 सितंबर 2025) को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और पाकिस्तानी सरकार, फौज और पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने ‘ पाकिस्तानी फौज वापस जाओ, तुम्हारी मौत हैं..’ जैसे नारे लगाए।

इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाई। पत्रकारों को भी नहीं बख्शा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई पत्रकारों ने बताया कि उन्हें निष्पक्ष तरीके से रिपोर्टिंग करने से रोका जा रहा है।

ये विरोध प्रदर्शन POK के कोटली जिले में हुआ। बताया जा रहा है कि हालिया गुस्से की एक बड़ी वजह 6 साल की एक बच्ची की संदिग्ध मौत है। बच्ची का नाम तस्मिया सुहैल था, जो पिछले तीन दिनों से लापता थी। उसकी लाश खेत में मिली थी। जनता ने पहले मौत की निष्पक्ष जाँच की माँग की लेकिन जब वह अनसुनी कर दी गई तो हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। इस घटना ने लोगों में भारी आक्रोश भर दिया।

कोटली के खुरैत्ता इलाके में हालात और भी ज्यादा बिगड़ गए हैं। पाकिस्तानी फौज और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए गोलियाँ चलाईं और आँसू गैस के गोले छोड़े। इसमें कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

इस बीच, पत्रकारों ने भी फौज और प्रशासन के रवैये के खिलाफ प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने कहा कि उनके साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें कवरेज से रोका जा रहा है। खुरैत्ता में पत्रकार तीन दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं।

पाकिस्तानी फौज की बर्बरता के बाद प्रशासन ने पर्यटकों और पत्रकारों को उस इलाके से दूर रहने की चेतावनी दी है। पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बलूचिस्तान के बाद पीओके में पाकिस्तानी फौज के खिलाफ उग्र प्रदर्शन सेना प्रमुख मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए खतरे की घंटी है।