🔬 Quality Over Quantity:
— R. S. Pathania (@pathania_rs) January 6, 2026
NMC has revoked permission for 50 MBBS seats at SMVDIME due to a failure to meet essential standards.
It reaffirms commitment to Quality .
Every affected student will be seamlessly transferred to a Supernumerary Seat in other UT Colleges. @BJP4India
ये कॉलेज काफी समय से विवादित है। यहाँ साल 2025-26 एकेडमिक ईयर के लिए एडमिशन लेने वाले एमबीबीएस की 50 सीटों में से 42 सीटों पर मुस्लिम छात्रों को एडमिशन दे दी गई थी। हिन्दू छात्रों को 7 सीटें मिली थी जबकि 1 सिख छात्र को सीट मिली थी। इसको लेकर हिन्दू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारियों ने हिन्दू छात्रों के अनदेखी का आरोप लगाया था। हिन्दू संगठनों की माँग थी कि माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा चलाया जाता है। इसमें हिन्दू भक्तों के चढ़ावे का पैसा लगा है इसलिए यहाँ हिन्दुओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
एनएमसी की टीम 2 जनवरी को औचक निरीक्षण पर पहुँची थी। इस दौरान कॉलेज के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं , प्रोफेसरों की कमी, क्लीनिकल सुविधाओं की कमी पाई गई। यहाँ मरीजों की संख्या भी कम पाई गई। दोपहर 1 बजे तक 182 मरीज मौजूद थे, जबकि कम से कम 400 मरीज होने चाहिए थे।
अस्पताल में अलग-अलग पुरुष और महिला वार्ड तक नहीं थे। सिर्फ 2 ऑपरेशन थियेटर वर्किंग थे। माइनर ओटी की व्यवस्था नहीं थी और पैरा क्लीनिकल विषयों के लिए पर्याप्त उपकरण भी नहीं थे।
इस कॉलेज को पिछले साल मान्यता मिली थी और पहले बैच का एडमिशन हुआ था। लेकिन विवाद होने के बाद अब कॉलेज की मान्यता ही रद्द कर दी गई है।
कई विभागों में लैबोरेटरी और रिसर्च लैब की कमी थी। लाइब्रेरी में मात्र 744 किताबें थी जबकि कम से कम 1500 किताबें जरूरी है।

