उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे के दिन हुई हिंसा के बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इस मामले में पुलिस ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को आरोपित नंबर 1 बनाया है। बरेली पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR में तौकीर रजा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
FIR के मुताबिक, बरेली में हिंसा करने वाली भीड़ कह रही थी कि तौकीर ने उन्हें कहा है कि आज शहर का माहौल बिगाड़ देना है, चाहे पुलिसवालों की हत्या क्यों न करनी पड़े, मुस्लिमों को अपनी ताकत दिखानी है।
उसकी इसी अपील पर भीड़ ने हत्या के इरादे से पुलिस पर अवैध हथियारों से फायरिंग की, डंडे छीने, पेट्रोल बम फेंके, बैज नोचे और धारदार हथियारों से हमला भी किया, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस की FIR के मुताबिक, तौकीर रजा की अपील पर भीड़ जमा हुई, जिसने नारेबाजी, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमला किया। जिसके बाद हालात बेकाबू होने पर लाठीचार्ज करना पड़ा।
FIR में खुलासा हुआ है कि तौकीर रजा और उसके सहयोगी नदीम समेत कई पदाधिकारियों ने सोची-समझी साजिश के तहत यह हिंसा करवाई। उसकी कॉल पर दूसरे जिलों से भी लोग बुलाए गए थे, जिनमें आपराधिक तत्व भी शामिल थे। पुलिस अब इस मामले में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तेजी से काम कर रही है।
दूसरी तरफ बरेली के नावेल्टी चौराहे पर स्थित एक अवैध मार्केट पर सोमवार (29 सितंबर 2025) को नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। यह मार्केट मौलाना तौकीर रजा से जुड़ा बताया जा रहा है। यहाँ नगर निगम की जमीन और नाले पर अवैध रूप से 38 दुकानें बना दी गई थीं। बताया जा रहा है कि इन दुकानों को पहलवान साहब की मजार की आड़ में खड़ा किया गया था।
इसी मार्केट में तौकीर रजा की पार्टी इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल का ऑफिस भी है। नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल और RAF के साथ मौके पर पहुँची और दुकानदारों को अपना सामान हटाने का समय दिया। इसके बाद दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हो गई।
प्रशासन ने किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए मौके पर RAF और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है, ताकि कार्रवाई में कोई रुकावट न आए। इसके अलावा पुलिस ने तौकीर रजा के करीबी नदीम को शाहजहाँपुर से गिरफ्तार कर लिया है। नदीम पर भी भीड़ को उकसाने का आरोप है।

