अमेरिका ने ईरान के 20 ठिकानों पर बरसाए बम, होर्मुज में हेलीकॉप्टर गिरने पर भड़के ट्रंप: तेहरान का भी पलटवार, बहरीन-जॉर्डन के US बेस पर अटैक

मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से चरम पर पहुँच गया है। होर्मुज में अमेरिका का एक आधुनिक अपाचे हेलीकॉप्टर गिर गया। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने उसके हेलीकॉप्टर को गिराया है। इसके तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने बदला लेने के लिए ईरान के 20 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले करवाए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरान की बड़ी गलती बताया है। उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिका इसका बहुत करारा और मजबूत जवाब देगा। हेलीकॉप्टर गिरने के बाद से ही अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन छेड़ दिया है।

अमेरिकी सेना के कमांडरों का कहना है कि मंगलवार (9 जून 2026) को उनके हेलीकॉप्टर पर जो हमला हुआ, यह कार्रवाई उसी का करारा जवाब है। अमेरिका ने इसे अपनी आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया है। उनका कहना है कि ईरान ने बिना किसी वजह के उकसाने वाला काम किया था, इसलिए उसे सबक सिखाना जरूरी था।

ईरानी इलाकों में गूँजे धमाके

अमेरिका के इन हमलों के बाद ईरान के सिरीक बंदरगाह और क्युशम द्वीप के पास के गाँवों में कई बड़े धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। अमेरिकी अफसरों का कहना है कि उन्होंने इस कार्रवाई में होर्मुज समुद्र के पास बने ईरान के उन हथियारों और रडार सिस्टम को निशाना बनाया है, जो आसमान से होने वाले हमलों को रोकते हैं।

कैसे गिरा हेलीकॉप्टर, अभी भी सस्पेंस

शुरुआत में अमेरिका की तरफ से दावा किया गया कि ईरान के एक आत्मघाती ड्रोन ने उनके अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। लेकिन अभी भी इस बात को लेकर पक्का पता नहीं चल पाया है कि हेलीकॉप्टर ईरान के हमले से गिरा या उसमें कोई खराबी आ गई थी। अच्छी बात यह रही कि हेलीकॉप्टर के दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया है और वे अब बिल्कुल ठीक हैं।

ईरान ने झाड़ा पल्ला, दी बड़ी चेतावनी

ईरान ने साफ कह दिया है कि इस हादसे में उसका कोई हाथ नहीं है। ईरान के उप विदेश मंत्री के मुताबिक, अमेरिकी हेलीकॉप्टर को गिराने का उनका कोई इरादा नहीं था। वहीं, ईरान की सेना (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिका को करारा जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब अमेरिका ने उसके दक्षिणी हिस्से पर हवाई हमले किए, तो उसने भी चुप बैठने के बजाय बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना (नेवी) के सबसे बड़े मुख्यालय पर ड्रोन से हमला बोल दिया।

ईरानी सेना यहीं नहीं रुकी, उसने बहरीन के साथ-साथ जॉर्डन में बने अमेरिकी एयरबेस पर भी ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी हैं। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने जो उनके ठिकानों पर बम बरसाए थे, यह पूरी कार्रवाई उसी का पलटवार है। दोनों देशों के बीच इस टकराव से अब पूरे इलाके में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।

इस नए हमले के बाद ट्रंप की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप दोनों देशों के बीच दुश्मनी खत्म कराकर शांति समझौता कराने में जुटे थे। उन्होंने कुछ ही दिनों पहले दावा किया था कि वे एक बहुत अच्छी डील कराने के बेहद करीब हैं। लेकिन इस नए टकराव ने दोनों देशों के बीच युद्ध का खतरा और ज्यादा बढ़ा दिया है।