दिल्ली के लाल किले के पास संदिग्ध हालात में खड़ी कार से एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। कार में एक नाबालिग लड़के के साथ बैठा यह युवक खुद को NIA का अफसर बता रहा था। संदिग्ध की पहचान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी मुदस्सिर अहमद मीर के रूप में हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की एक टीम बुधवार (18 फरवरी 2026) रात नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान दिल्ली चलो पार्क के पीछे जम्मू-कश्मीर नंबर प्लेट वाली काली हुंडई सैंट्रो कार संदिग्ध स्थिति में खड़ी दिखाई दी। पुलिस ने जब वाहन की जाँच की तो अंदर दो लोग मिले जिनमें से एक की पहचान पुलवामा जम्मू-कश्मीर निवासी मुदस्सर के रूप में हुई जबकि दूसरा एक नाबालिग लड़का था।
पूछताछ के दौरान मुदस्सर ने खुद को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) का अधिकारी बताते हुए एक पहचान पत्र दिखाया। हालाँकि, पुलिस को पहली नजर में ही वह आईडी कार्ड संदिग्ध लगा। प्रारंभिक जाँच में खुलासा हुआ कि आरोपित आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नौकरी दिलाने का झाँसा देता था। वह दिल्ली में रोजगार दिलाने का वादा कर उनसे पैसे ऐंठता था।
जाँच में सामने आया कि आरोपित ने नाबालिग लड़के के परिवार को भी दिल्ली में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था और कुछ पैसे लेने के बाद उसे अपने साथ दिल्ली ले आया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष प्रकोष्ठ, IB और संबंधित केंद्रीय एजेंसी के साथ मिलकर संयुक्त पूछताछ की गई। जॉइंट इंटरोगेशन रिपोर्ट में सामने आया कि पूरा मामला ठगी से जुड़ा हुआ है।
आरोपित फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर खुद को अधिकारी बताता था और इसी बहाने लोगों को गुमराह कर उनसे धोखाधड़ी करता था। आरोपित के खिलाफ थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2)/339 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएँ किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण कर धोखा देने और जाली या फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़े अपराधों से संबंधित हैं।

