मुंबई पुलिस ने दो ऐसी बांग्लादेशी महिलाओं को धरा है, जिन्हें पिछले साल अगस्त में ही भारत से धक्के मारकर बाहर निकाला गया था। लेकिन इन महिलाओं के हौसले इतने बुलंद थे कि ये फिर से सरहद पार कर अवैध तरीके से मुंबई पहुँच गईं और यहाँ रहने लगीं। कोलाबा पुलिस ने गेटवे ऑफ इंडिया के पास से 38 साल की जुलेखा शेख को पकड़ा है, जबकि कफ परेड इलाके से 30 साल की बिल्किस बेगम को गिरफ्तार किया गया है।
गेटवे पर टहल रही थी जुलेखा, पुलिस ने धर दबोचा
मामला 5 जनवरी 2026 का है जब कोलाबा पुलिस की एंटी-टेररिज्म सेल को खबर मिली कि एक बांग्लादेशी महिला गेटवे ऑफ इंडिया के पास संदिग्ध हालत में घूम रही है। पुलिस टीम ने जब उसे घेरा, तो उसने अपनी पहचान जुलेखा जमाल शेख बताई।
कड़ाई से पूछताछ हुई तो जुलेखा ने कुबूल किया कि वह बांग्लादेश के जैसोर जिले की रहने वाली है। मजे की बात यह है कि उसे अगस्त 2025 में ही एग्रीपाड़ा पुलिस ने डिपोर्ट किया था, लेकिन वह जंगलों के रास्ते फिर से भारत में घुस आई और कामाठीपुरा के फुटपाथ पर रहने लगी।
कफ परेड में किराए का कमरा लेकर रह रही थी बिल्किस
दूसरी गिरफ्तारी कफ परेड इलाके से हुई। यहाँ 30 साल की बिल्किस बेगम बड़े आराम से किराए का कमरा लेकर रह रही थी। शुरुआत में तो उसने पुलिस को खूब घुमाया और गोल-मोल जवाब दिए, लेकिन जब पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा, तो सारा सच सामने आ गया।
बिल्किस बेगम के मोबाइल फोन से बांग्लादेशी नेशनल आईडी और कई संदिग्ध फोटो मिले। बिल्किस को भी अगस्त में ही क्राइम ब्रांच ने वापस भेजा था, पर वह फिर लौट आई।
अब पुलिस खंगाल रही है ‘मददगारों’ की कुंडली
इन दोनों महिलाओं के पास न तो पासपोर्ट था और न ही कोई वीजा। पुलिस अब इस बात की जाँच कर रही है कि आखिर बॉर्डर पार करने में इनकी मदद किसने की? क्या मुंबई में कोई ऐसा गिरोह सक्रिय है जो डिपोर्ट किए गए लोगों को वापस लाने का धंधा कर रहा है? फिलहाल दोनों महिलाओं पर विदेशी नागरिक अधिनियम (Foreigners Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

