नेपाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पहले आम चुनाव के लिए डाले जा रहे हैं वोट, 1.9 करोड़ मतदाता चुनेंगे 165 प्रतिनिधि: Gen Z आंदोलन की वजह से गई थी ओली सरकार

नेपाल में लोकतंत्र का नया इम्तिहान शुरू हो गया है। 2025 में Gen Z आंदोलन के बाद ओली सरकार गिर गई थी और सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन किया गया था। अंतरिम सरकार की देखरेख में ही 5 मार्च 2026 को आम चुनाव हो रहा है। जेन जी आंदोलन के दौरान 77 लोगों की जानें गई थी और देश में जमकर तोड़फोड़ हुआ था।

नेपाल के सभी 77 जिलों में एक ही फेज में वोटिंग हो रही है। वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हुई और यह शाम 5 बजे तक चलेगी।

नेपाल के चुनाव आयोग का कहना है कि इस चुनाव में 18903689 वोटर हैं। 2022 में हुए चुनाव के मुकाबले वोटर्स की संख्या में 915119 की बढ़ोतरी हुई है।

जिन लोगों को वोट देने का अधिकार है, वे ज्यादातर युवा हैं। 52% वोटर्स की उम्र 18 से 40 साल के बीच है।

देश की 275 सदस्यीय संसद यानी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव ऑफ नेपाल में से 165 सीटों पर सीधे मतदान के जरिए प्रतिनिधि चुने जा रहे हैं, जबकि बाकि 110 सीटें पार्टियों को उनके कुल वोट प्रतिशत के आधार पर आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से मिलेंगी। शाम 5 बजे के बाद मतपेटियों को इकट्ठा करते ही मतगणना शुरू कर दी जाएगी।

चुनाव में कुल 6541 उम्मीवार हैं। 63 राजनीतिक पार्टियों के 3,135 और कैंडिडेट प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन सिस्टम के ज़रिए बाकी 110 सीटों के लिए मुकाबला कर रहे हैं।

वोटिंग प्रक्रिया को आसानी से चलाने के लिए अधिकारियों ने देश भर में 10,963 पोलिंग स्टेशनों पर 23,112 पोलिंग सेंटर बनाए हैं। सुरक्षा इंतजाम भी मजबूत किए गए हैं, चुनाव के लिए 341113 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

कार्यकारी मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने हा कि वोटिंग प्रोसेस फ्री, फेयर और शांतिपूर्ण रहे, यह पक्का करने के लिए सभी तैयारियाँ पहले ही पूरी कर ली गई थीं। उन्होंने वोटर्स से भी अपील की कि वे बिना किसी डर के आगे आएँ और अपना वोट डालें।

अधिकारियों ने कहा कि वोटिंग प्रोसेस पूरा होने के बाद वोटों की गिनती शुरू होगी, और उम्मीद है कि गिनती शुरू होने के 24 घंटे के अंदर चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए जाएँगे।