शिकायत के अनुसार, मौके पर पहुँचने पर हिंदू संगठन ने देखा कि वहाँ लगभग 25 से 30 लोग मौजूद थे। ये लोग हिंदू धर्म से ताल्लुक रखते हैं। इनलोगों को वहाँ मौजूद तीनों आरोपित बहला रहे थे। उनसे ईसा मसीह के बारे में बातें कर रहे थे और आर्थिक लाभ बताया जा रहा था।
हिंदू संगठनों की शिकायत के आधार पर तीनों आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर के मुताबिक शहर के एक प्राइवेट मकान में जनजातीय लोगों को इकट्ठा किया गया था। उन्हें धर्मांतरण के लिए लालच दिया जा रहा था। शिकायत के बाद एक नेपाली ईसाई दंपति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
यह पूरी घटना 28 सितंबर, 2025 को सामने आई थी। एफआईआर की एक प्रति ऑपइंडिया के पास उपलब्ध है। हिंदू संगठन द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यकर्ता ने विहिप उपाध्यक्ष किरणबेन को बताया कि खंभालिया के शक्ति नगर स्थित श्रीनाथजी स्कूल के पीछे एक आवासीय भवन में धर्मांतरण की गतिविधियाँ चल रही हैं।
જામખંભાળિયામાં ધર્મ પરિવર્તનનો પર્દાફાશ #JamKhambhaliya #Gujarat #Police #SandeshNews pic.twitter.com/8ejcUtYVDh
— Sandesh (@sandeshnews) September 29, 2025
कार्यकर्ता ने आगे बताया कि कुछ लोग हिंदुओं को लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर विहिप उपाध्यक्ष और उनके पति विजय कुमार मनसुखलाल कटारिया ने विहिप के सौराष्ट्र प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख प्रवीण सिंह कंचवाना को मामले की जानकारी दी। 28 सितंबर की सुबह करीब 11:45 बजे किरणबेन और अन्य विहिप सदस्य जाँच के लिए मौके पर पहुँचे।
मौके पर पहुँचने पर संगठन के कार्यकर्ताओं ने देखा कि वहाँ करीब 25 से 30 लोग मौजूद थे। इनमें कई महिलाएँ भी शामिल थीं। इनलोगों से ईसाइयत की बातें की जा रही थीं। घर में तीन लोग मिलकर इन्हें आर्थिक फायदा भी बता रहे थे। इन तीनों आरोपियों की पहचान दीपक रघुवीरसिंह गुरुसिंह विश्वकर्मा (ईसाई), दीपाबेन दीपकभाई विश्वकर्मा (ईसाई) और मुकेश सुभाषभाई अजनार (ईसाई) के रूप में हुई है।
दीपाबेन और दीपक दोनों पति-पत्नी हैं, दोनों मूल रूप से नेपाल के हैं और वर्तमान में खंभालिया में रहते हैं। इसके अलावा मुकेश मूल रूप से मध्य प्रदेश का निवासी है। शिकायत में कहा गया है कि तीनों आरोपितों ने जनजातीय लोगों को प्रार्थना सभा में आमंत्रित किया था। प्रार्थना के बाद आर्थिक लाभ की बात कही जा रही थी।
एफआईआर में वहाँ मौजूद 27 लोगों के नाम, उम्र, व्यवसाय और पते की जानकारी भी दिए गए हैं, जो उस वक्त मौजूद थे। इन जनजातीय लोगों को मुकेश सुभाषभाई अजनार लेकर आया था। ये लोग मज़दूर हैं और मूल रूप से मध्य प्रदेश के अलीराजपुर, धार और झाबुआ ज़िलों के रहने वाले हैं। वर्तमान में खंभालिया और आसपास के गाँवों में ये रहते हैं।
खंभालिया पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गुजरात धर्म स्वतंत्रता अधिनियम-2003 की धारा 4 और भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 54 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दीपक, दीपाबेन और मुकेश अजनार ने एक-दूसरे की मदद करके हिंदू जनजातीय लोगों को अवैध तरीके से धर्मांतरण के लिए उकसाया।

