उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर तैयारियाँ तेज कर दी हैं। एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाएँ शुरू होने से पहले सरकार का पूरा फोकस बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट, इलेक्ट्रिक बसों और ईवी चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने पर है।
बुधवार (27 मई 2026) को हुई स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि एयरपोर्ट से जुड़ी सभी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्थाएँ 15 जून तक पूरी कर ली जाएँ।
पहले चरण में चलेंगी 110 इलेक्ट्रिक बसें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए पहले चरण में 110 इलेक्ट्रिक बसें चलाने के निर्देश दिए हैं। ये बसें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) क्षेत्र को एयरपोर्ट से जोड़ेंगी।
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि आगे चलकर इस पूरे इलाके में 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है ताकि एयरपोर्ट शुरू होने से पहले मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार हो सके।
सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के जरिए प्रदूषण कम होगा और यात्रियों को बेहतर एवं सस्ती यात्रा सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर सभी जरूरी तैयारियाँ पूरी करने को कहा है।
ईवी चार्जिंग और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी जोर
बैठक में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल राज्य में करीब 15.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। अभी प्रदेशभर में लगभग 2500 ईवी चार्जिंग स्टेशन काम कर रहे हैं, जबकि सरकार ने वर्ष 2030 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 10 हजार करने का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क बेहद जरूरी है। इसके अलावा बैठक में आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और झाँसी लिंक एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण और जमीन अदला-बदली से जुड़े बाकी काम जून के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेहतर सड़क और परिवहन नेटवर्क से उत्तर प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

