निज्जर हत्याकांड में भारतीय अधिकारियों का नहीं था कोई हाथ, FBI ने चार्जशीट में लिया लॉरेंस बिश्नोई-बराड़ गैंग का नाम: जानिए क्या है ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ जिसके तहत हुई 24 गिरफ्तारियाँ

अमेरिका की जाँच एजेंसियों ने निज्जर हत्याकांड को लेकर बड़ा खुलासा किया है। अमेरिका न्याय विभाग ने दावा किया है कि भारत की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने निज्जर की हत्या की साजिश रची थी। इसको लेकर कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई है। चार्जशीट के मुताबिक, 3 साल पहले 18 जून को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रची थी। कोर्ट ने निज्जर का नाम हरदीप सिंह निज्जर की जगह एचएसएन के रूप में लिया है।

निज्जर हत्याकांड को लेकर कनाडा ने भारत के अधिकारियों पर आरोप लगाया था और इसकी वजह से भारत के साथ रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। कनाडा के पूर्व पीएम जस्टिन टूडो ने संसद में दावा किया था कि कनाडा के एजेंसियों के पास ऐसी खुफिया इनपुट है, जिससे पता चलता है कि भारत का निज्जर हत्याकांड में हाथ था। इसपर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और इसे बेबुनियाद करार देते हुए ठोस सबूत पेश करने को कहा था।

अमेरिका की ग्लोबल कार्रवाई

अमेरिकी जाँच एजेंसी एफबीआई ने ग्लोबल कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई समेत कई गैंग्स के खिलाफ 7 जुलाई 2026 को अभियान चलाया और करीब 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत ये कार्रवाई की गई है। एजेंसियों के मुताबिक, 10 अभी भी फरार हैं। इनमें अमेरिका में 7, भारत में 2 और यूरोप में 1 आरोपित के छिपे होने की खबर जाँच एजेंसियों के पास है।

7 आरोपित पहले से ही दूसरे मामलों में जेल में बंद हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में यूनाइटेड स्टेट्स के 13 आरोपित शामिल हैं, जिनमें कैलिफोर्निया में 11, इंडियाना में एक और जॉर्जिया में एक शामिल है। कनाडा में तीन और स्पेन में एक और गिरफ्तारियाँ हुईं।

ऑपरेशन के दौरान गोल्डी बरार गैंग और जग्गू भगवानपुरिया नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। एफबीआई का कहना है कि ये पूरा नेटवर्क हत्या, रंगदारी वसूली, मनी लॉन्ड्रिंग ड्रग्स और अवैध हथियारों की सप्लाई में शामिल हैं।

क्या है ऑपरेशन हार्ड बॉल

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी एफबीआई ने भारतीय मूल के इंटरनेशनल क्रिमिनल गैंग के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एफबीआई ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप के देशों जैसे ब्रिटेन-फ्राँस-नीदरलैंड आदि की सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर ऑपरेशन हार्ड बॉल की शुरुआत की है। इसके तहत अब तक 24 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन के तहत करीब 37 आरोपितों के खिलाफ अमेरिका की संघीय अदालत में चार्जशीट दायर की गई है।

चार्जशीट में भारत में कई अपराधों को अंजाम देने वाले लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बरार, रोहित गोदारा और जग्गू भगवानपुरिया का नाम भी शामिल है। ये गैंग सिर्फ भारत में ही सुपारी किलिंग, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी, रंगदारी वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग का काम नहीं करते, बल्कि अमेरिका, कनाडा, यूरोपीय देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया- न्यूजीलैंड तक इनके तार फैले हुए हैं। इन जगहों पर भी संगठित अपराध में ये शामिल हैं।

छापेमारी के दौरान जाँच एजेसियों को 1000 किलो कोकीन,1 किलो हेरोइन,40 हजार अमेरिकी डॉलर और 12 अवैध हथियार बरामद हुए। अमेरिका के कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो इलाके में 23 और लॉस एंजलिस इलाके में 11 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

भारतीय एजेंसियाँ कहती रही हैं कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क अमेरिका कनाडा और यूरोप तक फैला हुआ है और इसके गैंग के गुर्गे भारत में अपराध कर इन देशों में चले जाते हैं। एफबीआई ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ ऑपरेशन हार्ड बॉल जारी है।