रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF- Reporters sans frontières) ने अपनी 2025 की रिपोर्ट ‘प्रेस फ्रीडम प्रीडेटर्स’ जारी की है। इसमें कई व्यक्तियों और संस्थाओं को पत्रकारों और मीडिया की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया गया है।
इस सूची में एलन मस्क, बेन्यामिन नेतन्याहू, व्लादिमीर पुतिन जैसे नेताओं के नाम शामिल है। इसके अलावा संस्थाओं के नाम में इजरायली सेना, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी, अल्फाबेट (गूगल की पैरेंट कंपनी), मेटा (फेसबुक की पैरेंट कंपनी) और कुछ अन्य को जगह दी गई है।
इस सूची में भारत से अडानी ग्रुप और OpIndia का नाम भी शामिल किया गया है। RSF का आरोप है कि OpIndia ने 2025 में सरकार की आलोचना करने वाले पत्रकारों के खिलाफ दुष्प्रचार और उत्पीड़न अभियान तेज किए।
जॉर्ज सोरोस फंडिंग वाले इस संस्थान की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पोर्टल आलोचनात्मक पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को बदनाम करने वाले नैरेटिव फैलाता है और उन्हें ‘Soros Ecosystem’ या ‘एंटी-इंडियन लॉबी’ का हिस्सा बताता है।
RSF ने ऑपइंडिया के हालिया डॉसियर रिपोर्ट्स (Centre for the Study of Developing Societies – CSDS पर) को इसका मुख्य कारण बताया। साथ ही ‘The News Minute’ की संपादक धन्या राजेंद्रन पर प्रकाशित लेखों का उदाहरण दिया।
RSF का दावा है कि ऑपइंडिया ने उनके बारे में लेख तभी प्रकाशित किए जब उन्हें RSF के ‘Prize for Impact’ के लिए नामित किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, ऑपइंडिया ने 2025 में पत्रकारों और मीडिया को निशाना बनाने के लिए कुल 96 लेख प्रकाशित किए।
अडानी ग्रुप पर भी रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कई पत्रकारों पर मुकदमे किए जिन्होंने कंपनी और गौतम अडानी के खिलाफ झूठे और मानहानिकारक लेख प्रकाशित किए। अदालतों ने इन लेखों को निराधार पाया, लेकिन RSF का कहना है कि पत्रकारों पर मुकदमा करना मीडिया स्वतंत्रता पर हमला है।
अन्य नामों में एलन मस्क का नाम भी शामिल किया गया है। RSF का आरोप है कि उन्होंने एक्स को ‘भ्रामक सूचनाओं के प्रसार का बड़ा जरिया’ बना दिया है। विकिपीडिया की पक्षपातपूर्ण सोच पर मस्क की आलोचना और मुख्यधारा मीडिया पर हमले को भी कारण बताया गया।
वहीं इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) पर आरोप है कि उसने गाजा में अक्टूबर 2023 से अब तक 220 से अधिक पत्रकारों को मार डाला। Alphabet और Meta पर आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर समाचार मीडिया की दृश्यता घट गई है और इससे मीडिया आर्थिक रूप से कमजोर हुआ है।
कुल मिलाकर, RSF की 2025 रिपोर्ट में 34 ‘प्रेस फ्रीडम प्रीडेटर्स’ का जिक्र है। इन्हें राजनीतिक, सुरक्षा, कानूनी और सामाजिक श्रेणियों में बाँटा गया है। रिपोर्ट में एक ‘गेस हू’ (Guess Who) गेम भी शामिल है, जिसमें सुरागों के आधार पर ऐसे ‘प्रीडेटर्स’ की पहचान करने को कहा गया है।

