Oracle में AI ने खाई 20-30 हजार कर्मचारियों की नौकरी, जूनियर से सीनियर सब पर गाज गिरी

अमेरिकी टेक दिग्गज ओरैकल ने हाल ही में अपने इतिहास की सबसे बड़ी छंटनियों में से एक का ऐलान किया है। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर करीब 20,000 से 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। यह फैसला कर्मचारियों को सुबह-सुबह ई-मेल के जरिए बताया गया।

छंटनी का असर अमेरिका, भारत, कनाडा और लैटिन अमेरिका सहित कई देशों में देखने को मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार सिर्फ नए या जूनियर कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि लंबे समय से कंपनी में काम कर रहे अनुभवी और उच्च कौशल वाले कर्मचारियों को भी बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

ओरैकल की यह कार्रवाई कोई अकेला मामला नहीं है। पिछले कुछ हफ्तों में मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, डिज्नी और एएसएमएल जैसी बड़ी कंपनियों ने भी हजारों कर्मचारियों को बाहर किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ मेटा और माइक्रोसॉफ्ट ने मिलकर हाल के दिनों में 20,000 से ज्यादा नौकरियाँ खत्म की हैं।

यह ट्रेंड सिर्फ घाटे में चल रही कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि मुनाफे में चल रही कंपनियाँ भी अपने वर्कफोर्स को कम कर रही हैं। इस पूरे बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को माना जा रहा है। कंपनियाँ तेजी से AI में निवेश कर रही हैं, जिससे काम के कई हिस्से ऑटोमेट हो रहे हैं।

बदलाव का असर कर्मचारियों पर साफ नजर आ रहा है। टेक सेक्टर में जॉब सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर उन भूमिकाओं पर ज्यादा दबाव है जो रूटीन कोडिंग, टेस्टिंग और ऑपरेशंस से जुड़ी हैं, क्योंकि AI टूल्स अब इन कामों को तेजी से और कम लागत में करने लगे हैं।