रमजान के महीने के आखिरी दिनों में पाकिस्तान ने अपनी नीचता की सारी हदें पार कर दी हैं। पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का खुलेआम उल्लंघन करते हुए काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका जैसे शहरों पर भीषण हवाई हमले किए हैं।
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के मुताबिक, इन कायराना हमलों में आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया गया है, जिसमें महिलाओं और बच्चों की जान चली गई है। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 3 लोगों की मौत और 15 के घायल होने की पुष्टि हुई है।
ईंधन संकट के बीच तेल डिपो को बनाया निशाना
पाकिस्तान ने न केवल मासूमों की जान ली, बल्कि अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी हमला किया है। पाकिस्तानी विमानों ने कंधार अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास ‘काम एयर’ के ईंधन भंडार (Fuel Depot) को बमबारी कर तबाह कर दिया।
यह डिपो न केवल नागरिक विमानों बल्कि संयुक्त राष्ट्र (UN) के विमानों को भी ईंधन देता था। एक तरफ पूरी दुनिया तेल की कमी से जूझ रही है, वहीं पाकिस्तान ने इस तरह के हमले कर अपनी घिनौनी मानसिकता का परिचय दिया है।
رژیم نظامی پاکستان ذخیرهٔ تیل شرکت خصوصی هوایی کامایر را در نزدیکی میدان هوایی کندهار هدف قرار داد.
— Zabihullah (..ذبـــــیح الله م ) (@Zabehulah_M33) March 13, 2026
این شرکت برای شرکتهای هوایی ملکی و همچنین برای طیارههای سازمان ملل متحد مواد سوخت فراهم میکند.
پیش از این نیز ذخیرهٔ تیل یک تاجر ملی به نام حاجی خانزاده هدف قرار گرفته بود. pic.twitter.com/svkXkZIeCr
रिहाइशी इलाकों में मचाई तबाही
तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान की इस सैन्य कार्रवाई को ‘क्रूर आक्रामकता’ करार दिया है। मुजाहिद ने कहा कि रमजान के अंतिम दिनों और ईद जैसे त्योहार के मौके पर रिहाइशी इलाकों में बम बरसाना यह साबित करता है कि पाकिस्तानी शासन का किसी भी मानवीय या नैतिक मूल्य से कोई नाता नहीं है। हमलों में कई परिवार बेघर हो गए हैं और चारों तरफ बर्बादी का मंजर है।
अफगानिस्तान ने इस ‘घिनौने अपराध’ की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान को अंजाम भुगतने की सीधी चेतावनी दी है। तालिबान प्रवक्ता ने दोटूक शब्दों में कहा कि इस नाइंसाफी को अनदेखा नहीं किया जाएगा और पाकिस्तान को इसका मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। अफगानिस्तान ने साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तानी फौज की इस खुली दादागिरी को बर्दाश्त नहीं करेगा।
पाकिस्तान को पहले भी मिल चुका है करारा जवाब
यह तनाव पिछले कई दिनों से जारी है। इससे पहले जब पाकिस्तान ने ऐसी ही हिमाकत की थी, तो अफगान सेना ने उसे धूल चटा दी थी। तालिबान के दावों के मुताबिक, पिछली जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी फौजियों को मारा था और अफगान जांबाजों ने पाकिस्तान की 19 सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया था। पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक इसी बौखलाहट का नतीजा मानी जा रही है।

