पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में भारतीय सेना द्वारा आतंकवादी ठिकानों पर किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान की ओर से भारतीय क्षेत्र पर जवाबी गोलाबारी शुरू की गई। इस दौरान नियंत्रण रेखा के करीब स्थित उरी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को भी निशाना बनाया गया लेकिन CISF की त्वरित कार्रवाई न केवल इसकी सुरक्षा की बल्कि बड़े संभावित नुकसान को भी टाल दिया।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने मंगलवार (25 नवंबर 2025) को बताया कि इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में बहादुरी दिखाने वाले 19 जवानों को महानिदेशक डिस्क सम्मान दिया गया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी के निशाने पर उरी स्थित हाईड्रो प्लांट भी था। हालाँकि, गोलों की बरसात के बीच CISF के जवान तैनात रहे और कमांडेंट रवि यादव की अगुवाई में पूरी टीम ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा।
हमले के दौरान पाकिस्तान की ओर से दागे गए ड्रोन्स को भी CISF ने मार गिराया और हथियारों के गोदाम को सुरक्षित स्थान पर ट्रांसफर कर दिया। लगातार हमले के बावजूद जवानों ने इलाके में रह रहे नागरिकों को लगातार सुरक्षा दी। गोलाबारी के बीच CISF कर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों को निकाला और सुरक्षित बंकरों तक पहुंचाया। इनमें महिलाएँ, बच्चे, NHPC के कर्मचारी तथा उनके परिवार शामिल थे। कुल 250 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया।
नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में महानिदेशक ने इन 19 वीर कर्मियों को सर्वोच्च श्रेणी के DG Disc सम्मान से नवाजा और कहा कि उनका यह योगदान देश के साहसिक इतिहास में विशेष रूप से दर्ज रहेगा।

