उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क से जुड़े चार संदिग्ध युवकों को गिरफ्तारी किया गया है। जाँच में सामने आया है कि ये युवक भाजपा कार्यालयों, अस्पतालों और अन्य संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाकर बड़े धमाकों की साजिश रच रहे थे।
गिरफ्तार आरोपितों में महकाब और शाहरुख सहारनपुर के रहने वाले हैं, जबकि उनके साथी मुशर्रफ और गगनदीप के जरिए नेटवर्क पश्चिमी यूपी तक फैलाया जा रहा था। जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह मॉड्यूल सोशल मीडिया के माध्यम से संचालित हो रहा था और इसके तार पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टरों और आतंकी नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ संपर्क, वीडियो कॉल पर मिलते थे निर्देश
जाँच में पता चला है कि महकाब और गगनदीप की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आकिब जट्ट के नेटवर्क से हुई थी। शुरुआत सामान्य बातचीत और सोशल मीडिया संपर्क से हुई, लेकिन बाद में इन्हें मजहबी और भड़काऊ सामग्री भेजकर कट्टरपंथ की ओर धकेला गया।
इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए निर्देश दिए जाने लगे और बातचीत में कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, युवकों को अच्छी जिंदगी, पैसे और हथियारों का लालच देकर नेटवर्क में सक्रिय किया गया। उन्हें अस्पतालों, भाजपा कार्यालयों और अन्य संवेदनशील ठिकानों की रेकी करने के साथ नए युवाओं को जोड़ने का काम भी सौंपा गया था।
गाँववालों ने कहा- वीडियो कॉल पर उर्दू-पंजाबी में बातें करते थे संदिग्ध आतंकी
सहारनपुर में जब एजेंसियाँ आरोपितों के घर पहुँचीं तो गाँव के लोग भी हैरान रह गए। ग्रामीणों का कहना है कि महकाब पहले सभी के साथ बैठता-बोलता था, लेकिन पिछले कुछ समय से उसने खुद को अलग कर लिया था। वह देर रात तक मोबाइल पर व्यस्त रहता था और अक्सर वीडियो कॉल पर पंजाबी या उर्दू में बातचीत करता दिखाई देता था।
गाँववालों के मुताबिक, वह बातचीत के दौरान आसपास किसी के आने पर तुरंत मुँह फेर लेता था। दूसरी ओर शाहरुख को लेकर ग्रामीणों का भी कहना है कि शाहरुख का किसी से विवाद नहीं था। जाँच एजेंसियों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवकों को धीरे-धीरे नेटवर्क का हिस्सा बनाया गया।
पश्चिमी यूपी में बड़े हमलों की तैयारी
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के मुताबिक, चारों आरोपितों के बीच सोशल मीडिया पर हथियार खरीदने और अस्पतालों समेत कई स्थानों को उड़ाने की योजना पर बातचीत हुई थी। मार्च 2026 में नोएडा में इनकी एक गुप्त बैठक भी हुई थी, जिसमें पैसों और हथियारों को लेकर चर्चा हुई।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि पश्चिमी यूपी में हैंड ग्रेनेड हमलों की साजिश रची जा रही थी और हथियारों की सप्लाई पीओके से होने की आशंका है। एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपितों ने किन-किन स्थानों की रेकी की थी। सहारनपुर में सरसावा एयरबेस और सेना क्षेत्र मौजूद होने के कारण जाँच को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

