‘सपनों के साथ जीना सीखें, शोर मचाएँ तो सफलता का’: ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दूसरे एपिसोड में PM मोदी ने देश के अलग-अलग हिस्सों के बच्चों से किया संवाद, अपने जीवन के किस्से सुनाकर किया मोटिवेट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दूसरे एपिसोड में सोमवार (09 फरवरी 2026) देशभर के अलग-अलग हिस्सों के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। दूसरे एपिसोड में पीएम मोदी ने रायपुर, गुजरात में जनजातीय बच्चों, तमिलनाडु और गुवाहाटी जाकर छात्रों से बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने खुद से जुड़े किस्से सुनाते हुए छात्रों को मोटिवेट किया। उन्होंने बच्चों को कठिनाइयों से लड़ने से लेकर भविष्य सुधारने तक के टिप्स दिए।

प्रधानमंत्री ने बच्चों को आत्मविश्वास के मायने बताए। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास दो शब्द हैं- आत्म और विश्वास, जिसा खुद पर विश्वास है, उसको कभी डर नहीं लगता और आगर आप खुद पर विश्वास करते हैं तो आप हर बाधा पार कर सकते हैं। उन्होंने शिकागो में भाषण देने से जुड़ा अपना एक किस्सा भी सुनाया।

माता-पिता की दूसरे बच्चों से तुलना करने पर भी पीएम मोदी ने कहा कि इससे बचना चाहिए। उन्होंने परिजनों को सलाह दी कि ऐसा नहीं करना चाहिए, इससे एक बच्चे की तारीफ से दूसरे बच्चे को बुरा लग सकता है। इसके साथ पीएम मोदी ने अपने डायट भी बच्चों के साथ साझा की।

जीवन में शिक्षक की भूमिका पर बात करते हुए पीएम मोदी ने अपना जमान याद करते हुए कहा, “हमारे टीचर लाइब्रेरी जाने की सलाह देते थे। मैं प्राइमरी में था तो परमार साहब थे, योगा सिखाते थे। हम प्लेयर नहीं बने लेकिन यह समझ आया कि योग करना जरूरी है।” पीएम मोदी ने जीवन में अपनी माँ की बड़ी भूमिका बताई।

नींद पर पीएम मोदी ने कहा, “परीक्षा का तनाव कम करने के लिए खूब हँसो और अच्छी नींद लो। जब आप अच्छी नींद लेते हैं तो दिमाग में फ्रेश आइडिया आते हैं, फ्रेश सोच आती है। जो व्यक्ति बहुत बड़ा बन गया है, उस पर ध्यान न दें। उसने कहाँ से शुरू किया था, उस पर ध्यान दो। सपनों के साथ जीना सीखें, शोर मचाएँ तो सिर्फ सफलता का।”

पीएम मोदी ने बच्चों को लीडर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “सबसे पहले निडर बनिए। मन में सोचिए- आप ये काम करेंगे। कहीं कचरा पड़ा है, आपने उठा लिया। यह मत सोचिए कि चार लोग देखेंगे तो क्या कहेंगे। 10 लोगों को अपनी बात समझा पाओ, यह लीडर की क्वालिटी है। इसले लिए पहले लोगों को समझना चाहिए, जो उनको समझ पाएगा, वही लीडर बनेगा।”ॉ

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने समाज में सुधार कैसे होगा? परीक्षा का रिवीजन कैसे करें? AI युग में डर लगता है क्या करें? पढाई और हॉबी में बैलेंस कैसे बनाएँ? स्टार्टअप कैसे करें? सिलेबस के नोट्स कैसे बनाएँ? अकेलेपन से कैसे निपटें? स्मार्ट वर्क कैसे करें? जैसे अनेक प्रश्नों पर छात्र-छात्राओं से संवाद किया।