गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनकी कस्टोडियल इंटरोगेशन (हिरासत में पूछताछ) जरूरी है। कोर्ट ने स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर आरोप केवल हिमंता बिस्वा सरमा तक सीमित रहते, तो इसे राजनीतिक बयानबाजी माना जा सकता था।
गौहाटी हाई कोर्ट (Gauhati High Court) ने आगे कहा कि लेकिन हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयाँ सरमा को इसमें घसीटना गंभीर मामला है, क्योंकि वे राजनीति में सक्रिय नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि खेड़ा अब तक यह साबित नहीं कर पाए हैं कि रिनिकी भुइयाँ सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं या उन्होंने अमेरिका में कोई कंपनी बनाई है।
Pawan Khera has not yet proved beyond doubt that Assam Chief Minister’s wife had passports of three other countries or had opened a company in the US. He dragged an innocent lady into controversy for political mileage: Gauhati High Court pic.twitter.com/f0tMNc0RWm
— Bar and Bench (@barandbench) April 24, 2026
इस मामले को केवल मानहानि का नहीं, बल्कि जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ा गंभीर मामला बताया गया है। असम पुलिस द्वारा दर्ज केस में यह भी कहा गया कि खेड़ा जाँच से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
कोर्ट ने रिनिकी सरमा को निर्दोष मानते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 339 के तहत अपराध बनता है। इससे पहले पुलिस उनके दिल्ली स्थित आवास पर भी पहुँची थी। सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद खेड़ा ने गुवाहाटी हाई कोर्ट का रुख किया, जहाँ से उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई।

