‘भारत आइए, हमारे साथ मिलकर काम कीजिए…’: PM मोदी, मैक्रों के साथ किया ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का उद्घाटन, दुनिया भर के स्टार्टअप्स-इन्वेस्टर्स हुए शामिल

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार (14 जून 2026) को फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कॉन्क्लेव का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम भारत, फ्रांस और दुनिया के कई अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और वेंचर कैपिटल फंड्स को एक मंच पर लेकर आया।

द्विपक्षीय कार्यक्रम से पहले दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का गर्मजोशी से स्वागत किया और गले मिलकर आपसी संबंधों की मजबूती का संदेश दिया।

‘भारत इनोवेट्स’ तीन दिवसीय कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स, नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं और निवेशकों को वैश्विक नवाचार फंड्स और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ना है। इस आयोजन के दौरान भारत अपनी अत्याधुनिक तकनीकी क्षमताओं का वैश्विक मंच पर प्रदर्शन कर रहा है।

इसके तहत 13 महत्वपूर्ण वैश्विक तकनीकी क्षेत्रों में 120 नवाचारी स्टार्टअप्स और 20 से अधिक उत्कृष्ट संस्थानों (Institutes of Excellence) को प्रस्तुत किया जा रहा है। कार्यक्रम में दुनिया भर से 350 से अधिक शीर्ष निवेशक और वेंचर कैपिटलिस्ट भी भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि जुड़ाव, विश्वास, नवाचार, प्रेरणा, साझा मूल्यों और साझा दृष्टिकोण से संचालित होते हैं। उन्होंने कहा, “इस संबंध की मजबूत नींव के आधार पर हमने पिछले कुछ वर्षों में साथ मिलकर नई पहल शुरू की हैं और नए विचारों को दिशा दी है।”

पीएम मोदी ने कहा, “हमने वैश्विक चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए भी हर संभव प्रयास किए हैं। चाहे वह इंटरनेशनल सोलर अलायंस हो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े संवाद हों या सुरक्षा से लेकर स्थिरता तक हमारी साझेदारी अर्थात हमारे दोनों देशों ने मानवता से जुड़ी चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए साथ काम किया है। इसी वर्ष फरवरी में भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष (India-France Year of Innovation) की शुरुआत की गई थी। मुझे प्रसन्नता है कि आज हम फ्रांस के साथ मिलकर ‘भारत इनोवेट्स’ का उद्घाटन कर रहे हैं।”

नवाचार भारत के DNA में: पीएम मोदी ने बताया भारत का विजन

भारत की नवाचार यात्रा पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नवाचार भारत की मूल पहचान का हिस्सा है और देश आज दुनिया को समाधान देने वाले राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा, “नवाचार भारत के DNA में गहराई से समाया हुआ है। हजारों वर्षों से भारत अपनी खोजों और ज्ञान के माध्यम से दुनिया का मार्गदर्शन करता रहा है।”

पीएम ने कहा, “गणित से लेकर खगोल विज्ञान तक और चिकित्सा से लेकर योग तक मानवता की नींव को मजबूत करने में भारत का योगदान रहा है। आज हम इसी समृद्ध विरासत को नई दिशा और नई गति दे रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवा इनोवेटर्स ऐसे समाधान तैयार कर रहे हैं जिनका लाभ पूरी मानवता को मिल सकता है। उन्होंने कहा, “भारत गति और व्यापक स्तर पर नवाचार करता है। भारत एक टिकाऊ भविष्य के लिए नवाचार करता है। भारत दुनिया के लिए नवाचार करता है।”

नवाचार और समावेशन पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “नवाचार और समावेशन एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। किसी नवाचार की महानता उसकी वैल्यूएशन से नहीं बल्कि उसके मानवीय प्रभाव से तय होती है।”

मैक्रों ने मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर दी बधाई, ‘मेक इन इंडिया’ की सराहना

कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। मैक्रों ने भारत की ‘मेक इन इंडिया’ पहल की सराहना की और कहा कि फ्रांस को इस पहल से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी करने पर खुशी है।

उन्होंने कहा, “भारत नवाचार का देश है। भारत और फ्रांस के बीच एआई और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एक वास्तविक साझेदारी है।” भारत की प्रगति की सराहना करते हुए मैक्रों ने कहा, “भारत शोध, नवाचार और अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और एक वैश्विक नवाचार नेता के रूप में उभर रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “सवाल यह नहीं है कि भारत नवाचार कर रहा है या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि भारत के साथ नवाचार कौन करेगा।” फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं और आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत हो सकती है।