प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार दीपावली नौसेनिकों के साथ गोवा के पास समुद्र में मनाई। रविवार (19 अक्टूबर 2025) की शाम वे दिल्ली से बिना किसी औपचारिक घोषणा के गोवा के लिए रवाना हुए और वहाँ से सीधे अरब सागर में तैनात भारत के स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत पहुँचे। पीएम मोदी की यह पूरी यात्रा बेहद गोपनीय रखी गई थी।
INS विक्रांत पर पहुँचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नौसेना के जवानों के साथ कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने सबसे पहले फ्लाइट डेक पर जाकर नौसेना के शक्तिशाली MiG-29K लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन देखा। पीएम ने दिन और रात दोनों वक्त विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग का नजारा देखा।
इसके बाद उन्होंने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया जहाँ नौसेना के अफसरों और सैनिकों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। इन गीतों में एक विशेष गीत भी शामिल था, जो भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को समर्पित था। प्रधानमंत्री मोदी इस प्रस्तुति से काफी भावुक हो गए और नौसेना कर्मियों के उत्साह की सराहना की।
पीएम मोदी ने अपनी इस यात्रा की झलकियों को एक वीडियो भी अपने X अकाउंट पर शेयर किया है।
Highlights from INS Vikrant, including the Air Power Demo, a vibrant cultural programme and more… pic.twitter.com/Br943m0oCC
— Narendra Modi (@narendramodi) October 20, 2025
रात को पीएम मोदी ने ‘बड़ा खाना’ कार्यक्रम में नौसेना के जवानों और उनके परिवारों के साथ भोजन किया। यह नौसेना की परंपरा है जिसमें सभी रैंक के सैनिक एक साथ भोजन करते हैं।
अगली सुबह प्रधानमंत्री ने INS विक्रांत के डेक पर नौसेना कर्मियों के साथ योग सत्र में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने शानदार स्टीमपास्ट और फ्लाईपास्ट का भी अवलोकन किया, जिसमें नौसेना के जहाज़ों और विमानों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। पीएम मोदी ने INS विक्रांत पर मौजूद नौसैनिकों को संबोधित भी किया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की नौसेना सिर्फ समुद्री सुरक्षा की प्रतीक नहीं बल्कि राष्ट्र की आत्मनिर्भरता और शक्ति का भी प्रतीक है। उन्होंने सभी सैनिकों को दिवाली की शुभकामनाएँ दीं और मिठाई खिलाकर उनके साथ यह पर्व मनाया।
पीएम मोदी ने जवानों से कहा, “INS विक्रांत पर बिताई कल की रात, इस अनुभव को शब्दों में कहना कठिन है। मैं देख रहा था, जो उमंग उत्साह से आप भरे हुए थे। शायद कोई कवि इस अनुभूति को प्रकट नहीं कर पाएगा, जो युद्ध में खड़ा जवान कर पाता है।”
उन्होंने रात में जल्दी सोने की वजह बताते हुए जवानों से कहा, “आपसे निकट रहकर मैं आपकी साँस को अनुभव कर रहा था, आपकी धड़कन को महसूस कर रहा था, तब मैं रात को थोड़ा जल्दी सो गया।” पीएम ने कहा, “शायद जल्दी सोने का कारण भी ये होगा कि आपको जब कल दिनभर देखा तो भीतर जो संतोष का भाव था, वो नींद मेरी नहीं बल्कि संतोष की नींद थी।”

