कश्मीर के कहवा से लेकर बंगाल के रसगुल्ले तक… PM मोदी ने NDA सांसदों को डिनर पार्टी में खिलाई हर राज्य की डिश, शुद्ध शाकाहारी था सारा इंतजाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (11 दिसंबर 2025) को 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने निवास पर NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के सांसदों के लिए एक खास डिनर रखा। यह भोज हाल ही में हुए बिहार चुनावों में NDA की शानदार जीत के बाद गठबंधन के भीतर तालमेल और आपसी सौहार्द को मजबूत करने की एक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

सभी सांसद 20-25 के छोटे-छोटे समूहों में बसों से प्रधानमंत्री आवास पहुँचे। यह रात्रिभोज किसी औपचारिक मीटिंग जैसा नहीं था, बल्कि इसे बेहद दोस्ताना माहौल में आयोजित किया गया था। वहाँ न कोई मंच था और न ही कोई भाषण हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी खुद हर टेबल तक गए और सांसदों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की, उनका हालचाल पूछा और भोजन के लिए प्रोत्साहित किया। इस दोस्ताना अंदाज को प्रधानमंत्री और NDA नेताओं के बीच बढ़ते गहरे संबंध और गठबंधन की मजबूत आंतरिक एकता का संकेत माना जा रहा है।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ थीम वाला मेन्यू

जानकारी के अनुसार, इस डिनर का मेन्यू खास तौर पर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर आधारित था। मेन्यू में देश की विविधता को दर्शाते हुए हर राज्य का एक पारंपरिक व्यंजन शामिल किया गया था, जैसे कश्मीर का कहवा, पंजाब की मिस्सी रोटी और बंगाल का रसगुल्ला। सांसदों को बैठाने की व्यवस्था भी खास थी।

टेबलों पर अलग-अलग राज्यों और सहयोगी दलों के सांसद एक साथ बैठे, ताकि वे एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझ सकें। डिनर के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि NDA सांसदों की मेजबानी करना उनके लिए सुखद था।

बैठने की अनूठी व्यवस्था

सांसदों को टेबलों पर इस तरह बैठाया गया था कि हर समूह में अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद हों। इसके अलावा प्रत्येक टेबल पर कम से कम एक सांसद किसी NDA सहयोगी दल से भी रखा गया, ताकि बातचीत के दौरान सभी एक-दूसरे को और बेहतर तरीके से समझ सकें।

डिनर के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि NDA सांसदों की मेजबानी करना उनके लिए सुखद था। उन्होंने जोर देकर कहा कि NDA परिवार अच्छे शासन, देश के विकास और क्षेत्रीय उम्मीदों के लिए एक जैसा समर्पण दिखाता है।

विपक्ष अक्सर NDA में मतभेदों की बात उठाता रहा है, ऐसे में यह सामूहिक भोजन शीतकालीन सत्र के दौरान गठबंधन की मजबूत एकजुटता का एक साफ राजनीतिक संदेश है।