प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 अप्रैल 2026) को देश के नाम संबोधन में महिला आरक्षण बिल नहीं पास होने पर दुख जताया। उन्होंने कहा, “आज भारत का हर नागरिक देख रहा है, कैसे भारत की बेटियों-बहनों के सपनों को कुचल दिया गया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संसोधन पास नहीं हो पाया, इसके लिए मैं सभी माताओं-बहनों-बेटियों से क्षमाप्रार्थी हूँ।”
देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा, “कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। मुझे भी ये देखकर बहुत दुख हुआ, जब नारी हित का प्रस्ताव गिरा तब कॉन्ग्रेस-डीएमके-टीएमसी-सपा जैसी पारिवारिक पार्टियाँ खुशियाँ मना रही थीं, मेरे थपथपा रहे थे। उन्होंने नारी के स्वाभिमान पर, आत्मसम्मान पर चोट किया। नारी सबकुछ भूल सकती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कॉन्ग्रेस और उसके सहयोगियों की करतूतों का असर हमेशा रहेगा। इन पार्टियों के नेताओं को वो जब भी अपने क्षेत्र में देखेंगी, तब उन्हें याद आ जाएगा कि इन्हीं लोगों की पार्टियों ने संसद में उनका हक छीना।”
पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा, “जिस पार्टियों ने बिल का विरोध किया, उनसे मैं 2 टूक कहूँगा कि उन्होंने नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले लिया। वो भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वो इनकी मंशा को भाँप रही है और सच्चाई को भलीभांति जान रही है। इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप इन दलों ने किया है, उन्हें इसकी सजा जरूर मिलेगी।”
उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने के लिए नहीं था, बल्कि हर किसी को कुछ न कुछ देने का संशोधन था। 40 साल से लटके नारी के हक को 2029 के लोकसभा चुनाव में उसका हक देने का संशोधन था। नारी के सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था। देश की आधी आबादी को उसका हक देने का ये ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र प्रयास था। नारी को भारत की विकास यात्रा में सहयात्री बनाने का प्रयास था।
पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस महिला आरक्षण नाम से हमेशा नफरत करती है। इस दिशा में पहले जितने भी प्रयास हुए हैं, कॉन्ग्रेस ने उसमें रोड़े अटकाए हैं। इस बार भी कॉन्ग्रेस और उसके साथियों ने महिला आरक्षण को लेकर एक के बाद एक झूठ का सहारा लिया। कभी संख्याबल को लेकर, कभी किसी और तरीके से कॉन्ग्रेस और उसके साथियों ने भारत के लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। इससे कॉन्ग्रेस ने अपना मुखौटा उतार दिया है।
उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस जैसी पार्टियाँ महिलाओं को आगे नहीं बढ़ने देना चाहतीं। परिवारवादी पार्टियों के भीतर महिलाओं के प्रति असुरक्षा की भावना है। क्योंकि आरक्षण से महिलाओं का कद बढ़ेगा। इसीलिए इन लोगों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम का विरोध किया। इसके लिए देश की माताएँ-बहनें इन पार्टियों को माफ नहीं करेंगी।”
पीएम मोदी ने डीलिमिटेशन को लेकर कॉन्ग्रेस द्वारा फैलाई गई अफवाह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस ने डीलिमिटेशन को लेकर अफवाह फैलाई कि इससे छोटे राज्यों को नुकसान होगा, इसकी आड़ में महिला आरक्षण का विरोध किया गया। जबकि सरकार ने साफ कर दिया था कि पुरानी संरचना में बदलाव यानी किसी सीट के अनुपात में कोई कमी नहीं होगी।
पीएम मोदी ने कहा, “महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके कॉन्ग्रेस ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि वो महिला विरोधी पार्टी है। ये वही कॉन्ग्रेस है, जिसने जनधन, जीएसपी, डिजिटल भारत, आयुष्मान, गरीबों के आरक्षण का विरोध किया। ट्रिपक तलाक हटाने का विरोध किया। आर्टिकल 370 हटाने का विरोध किया। यूनिफॉर्म सिविल कोड – यूसीसी का भी विरोध कॉन्ग्रेस करती है। रिफॉर्म का नाम सुनते ही कॉन्ग्रेस विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है। जिन कामों से देश मजबूत होता है, उन्हें रोकने के लिए कॉन्ग्रेस पूरी ताकत लगा देती है।”
उन्होंने कहा कि डीएमके-टीएमसी के पास महिलाओं का हक बढ़ाने का मौका था, लेकिन वो चूक गए। सपा के पास महिला विरोधी होने का दाग धोने का मौका था, लेकिन वो चूक गई। सपा ने लोहिया जी के सपने को पैरों तले रौंद दिया। सपा महिला विरोधी है।

