प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन करते हुए अपने नए कार्यकाल के पहले बड़े फैसलों पर हस्ताक्षर किए। इन फैसलों का फोकस साफ है महिलाओं, किसानों, युवाओं और कमजोर तबकों को सशक्त बनाना। सरकार के अनुसार सामाजिक सुरक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए कई अहम योजनाओं को मंजूरी दी गई है।
सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जोर
प्रधानमंत्री ने PM राहत (PM RAHAT) योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत सड़क या अन्य दुर्घटनाओं में घायल लोगों को 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि तत्काल इलाज के अभाव में किसी भी व्यक्ति की जान न जाए। यह योजना खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए लखपति दीदी योजना का लक्ष्य भी दोगुना कर दिया गया है। सरकार पहले ही मार्च 2027 की तय समय सीमा से एक साल पहले 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल कर चुकी है।
अब नया लक्ष्य मार्च 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाना है। यह कदम स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
किसानों और स्टार्टअप्स के लिए बड़े फैसले
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कृषि अवसंरचना कोष की राशि 1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ कर दी गई है। इससे भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन से जुड़े प्रोजेक्ट्स को वित्तीय सहायता मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर दाम और बाजार तक आसान पहुँच सुनिश्चित होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
इसी के साथ इनोवेशन और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार करोड़ के कोष के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दी गई है। यह फंड डीप टेक, उन्नत विनिर्माण और शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग देगा। सरकार का कहना है कि इससे भारत का नवाचार तंत्र मजबूत होगा और युवाओं के लिए नए रोजगार और अवसर पैदा होंगे।

