जनजातीय पोशाक, मंदिर में पूजा-पाठ और 4KM लंबा रोड शो: बिरसा मुंडा जयंती पर गुजरात में PM मोदी का खास स्वागत, राज्य को मिलेगी ₹9700 करोड़ की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (15 नवंबर 2025) को गुजरात पहुँचे। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत सूरत में निर्माणाधीन मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का जायजा लेने से की। इसके बाद, वह नर्मदा जिले के डेडियापाडा पहुँचे, जहाँ उन्होंने देवमोगरा मंदिर में पंडोरी माता की पूजा-अर्चना की।

पूजा के बाद, पीएम मोदी ने डेडियापाडा में 4 किमी लंबा एक भव्य रोड शो किया, जिसमें हजारों जनजातीय समुदाय के लोग शामिल हुए। शनिवार (15 नवंबर 2025) को पीएम मोदी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती समारोह में शामिल होकर ₹9,700 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। दिन के अंत में, दिल्ली रवाना होने से पहले, प्रधानमंत्री सूरत एयरपोर्ट पर बिहारी समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।

14 जनजातीय जिलों में 250 बसों को दिखाएँगे हरी झंडी

इसके अलावा प्रधानमंत्री 1,900 करोड़ रुपए की लागत से बने 42 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन करेंगे। साथ ही असम के डिब्रूगढ़ में बने सक्षमता केंद्र और मणिपुर के इंफाल में निर्मित जनजातीय अनुसंधान संस्थान भवन को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए वे गुजरात के 14 जनजातीय जिलों में 250 बसों को हरी झंडी दिखाएँगे और 748 किलोमीटर नई सड़कों तथा 14 बहु-विपणन केंद्रों की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री 2,320 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 50 नए एकलव्य विद्यालयों का शिलान्यास भी करेंगे।

सूरत स्थित बुलेट ट्रेन स्टेशन के निर्माण कार्य की भी करेंगे समीक्षा

गुजरात दौरे के दौरान पीएम मोदी सूरत स्थित बुलेट ट्रेन स्टेशन के निर्माण कार्य की भी समीक्षा करेंगे। वे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति का जायजा लेंगे, जो भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है और 508 किलोमीटर लंबी इस लाइन के माध्यम से गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा-नगर हवेली के प्रमुख शहरों को जोड़ा जाएगा।

इसी बीच केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री 19 नवंबर 2025 को पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त जारी करेंगे। इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता मिलती है।

अब तक 20 किस्तों के माध्यम से 11 करोड़ से अधिक किसानों को 3.70 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की सहायता दी जा चुकी है। योजना का लाभ वही किसान उठा सकते हैं जिनकी भूमि का विवरण पोर्टल पर दर्ज है और उनके बैंक खाते आधार से जुड़े हुए हैं।