उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में गौशाला के लिए जमीन दिलाने के नाम पर हुई 28.50 लाख रुपए की ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है। भोपा थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना हासिम के साथ भौंदा, फैजाव और अब्दुल कादिर समेत कुल सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की शुरुआत 18 मार्च 2026 को हुई, जब निर्मोही अखाड़े से जुड़े शुकतीर्थ निवासी संत विष्णुदास ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि हासिम और उसके साथियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर गौशाला के लिए जमीन दिलाने का झांसा दिया और उनसे लाखों रुपये ठग लिए। इतना ही नहीं विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज किया और विशेष टीम गठित कर जाँच शुरू कर दी।
फर्जी मालिक बनाकर रचा गया पूरा खेल, मुर्गा फार्म से दबोचे गए आरोपित
जाँच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर 19 मार्च 2026 को तुगलकपुर रोड स्थित एक मुर्गा फार्म पर छापा मारा गया। यहाँ से सभी सातों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से 22 लाख रुपए नकद, कंप्यूटर उपकरण और दो फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
पूछताछ में आरोपितों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ठगी के लिए ‘नजीर’ नाम से एक फर्जी जमीन मालिक तैयार किया गया था और उसका नकली आधार कार्ड बनाया गया। इसी के आधार पर 42 बीघा जमीन का सौदा 31 लाख रुपए में तय किया गया।
बाद में फर्जी इकरारनामा तैयार कर पीड़ित से 28.50 लाख रुपए ऐंठ लिए गए। ठगी के बाद सबूत मिटाने के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी सिम भी नष्ट कर दिए गए। इस पूरे मामले में संजय कुमार वर्मा ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए 25 हजार रुपयए का इनाम और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।

