राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ग्रीन लैंड को लेकर ‘भविष्य में समझौते’ के फ्रेमवर्क तक वे दोनों पहुँचे हैं। ट्रंप ने इसे फायदे का सौदा कहा और सोशल मीडिया ट्रूथ पर ऐलान किया कि वे नाटो देशों पर टैरिफ नहीं लगाएँगे, जो 1 फरवरी से लागू होने वाला था।
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) January 21, 2026
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि यह फैसला नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ आर्कटिक इलाके की सुरक्षा को लेकर भविष्य के समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने के बाद लिया गया है। ट्रंप ने बुधवार (21 जनवरी 2026) को दावोस में विश्व आर्थिक मंच को संबोधित करने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर ऐलान किया।
ट्रंप ने किया था 8 देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा
राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कंट्रोल करने की उनकी योजना का विरोध करने वाले नाटों के 8 सदस्य देशों, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, डेनमार्क, स्वीडन, नॉर्वे, नीदरलैंड और फिनलैंड पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी।
राष्ट्रपति ट्रंप का कहना था कि अगर ये देश उनके ग्रीनलैंड प्लान का समर्थन नहीं करेंगे तो जून 2026 से इन पर 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया जाएगा। इस कदम से अमेरिका-यूरोप संबंधों में तनाव बढ़ा और यूरोपीय संघ ने एकजुट होकर जवाब देने की बात कही थी, क्योंकि यह नाटो सहयोगियों के बीच एक मुद्दा बन गया था।
इससे पहले दावोस में हो रहे विश्व आर्थिक मंच पर अपने 70 मिनट के लंबे भाषण में राष्ट्रपति ट्रंप ने ये भी बताया कि उन्हें नेशनल और ग्रोबल सुरक्षा के लिए ग्रीनलेंड की जरूरत है। सालाना बैठक में हिस्सा लेते हुए उन्होंने कहा कि यूरोप सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है और अमेरिका की प्रगति से उसे सीखना चाहिए।
नाटो देशों पर टैक्स, पर्यावरण और इमिग्रेशन जैसे मुद्दों पर बरसते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जब आर्थिक रूप से आगे बढ़ता है तो पूरी दुनिया फलती-फूलती है। ट्रंप ने कहा, “ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है, तथा ग्रीनलैंड की रक्षा केवल अमेरिका ही कर सकता है।”
उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड से संबंधित गोल्डन डोम के बारे में अतिरिक्त चर्चा की जा रही है। जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ेगी, और जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ सहित शीर्ष अधिकारी इस मामले पर बातचीत कर रहे हैं।

