प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात ने भारत और रूस के रिश्तों में एक नई गर्माहट ला दी है। यह मुलाकात सिर्फ राजनीति की नहीं, बल्कि संस्कृति और गहरे भरोसे की भी रही।
मुलाकात के दौरान, पीएम मोदी ने पुतिन को श्रीमद्भगवद्गीता की एक कॉपी भेंट की, जिसका रूसी भाषा में अनुवाद किया गया था। पीएम मोदी ने इसकी फोटो शेयर करते हुए कहा कि भगवद्गीता सिर्फ धर्म की किताब नहीं है, बल्कि यह हर इंसान को सही रास्ता दिखाने वाला एक महान ज्ञान है, जिसने करोड़ों लोगों को दिशा दी है।
Presented a copy of the Gita in Russian to President Putin. The teachings of the Gita give inspiration to millions across the world.@KremlinRussia_E pic.twitter.com/D2zczJXkU2
— Narendra Modi (@narendramodi) December 4, 2025
एयरपोर्ट पर हुआ दिल छू लेने वाला स्वागत
सबसे खास बात यह रही कि पीएम मोदी ने पुतिन का स्वागत बेहद खास और अनौपचारिक तरीके से किया। पीएम मोदी खुद एयरपोर्ट पर उनके विमान के पास तक गए। रूस की सरकार (क्रेमलिन) ने बताया कि पीएम का इस तरह खुद एयरपोर्ट जाना बिलकुल अप्रत्याशित था और रूसी अधिकारियों को इसकी जानकारी पहले से नहीं थी। इसे दोनों बड़े नेताओं के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंध और भरोसे की निशानी माना जा रहा है।
आगे क्या होगा? अहम बैठकें और श्रद्धांजलि
यूक्रेन युद्ध के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यह पहली भारत यात्रा है, इसलिए इसे बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) पुतिन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत होगा। इसके बाद वह राजघाट जाकर महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि देंगे।
फिर हैदराबाद हाउस में दोनों देशों के बीच बड़ी बातचीत होगी। उम्मीद है कि इसमें रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग जैसे बड़े मामलों पर अहम फैसले लिए जाएँगे। कुछ बड़े उद्योगपतियों की मौजूदगी भी आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देगी।
दोनों नेता भारत-रूस बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे, जहाँ व्यापार को आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा। आखिर में, पुतिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ भोज (डिनर) में शामिल होंगे और फिर मॉस्को के लिए रवाना हो जाएँगे।
यह यात्रा सिर्फ राजनीतिक समझौते करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और रूस के पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

