पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (POK) में पिछले तीन दिनों से बेहद तनावपूर्ण माहौल है। यहाँ हिंसक प्रदर्शन चल रहे हैं, जिसमें अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही है।
पाक फौज जुल्म के खिलाफ पूरा इलाका ठप
JAAC के प्रदर्शनों ने पूरे POK को लगभग ठप कर दिया है। पिछले 72 घंटों से बाजार, दुकानें, ट्रांसपोर्ट और सरकारी दफ्तर पूरी तरह बंद हैं। बुधवार (1 अक्टूबर 2025) को प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंके। गुस्साए लोगों ने रास्ते रोकने के लिए रखे कंटेनरों को पुलों से हटाकर नदी में गिरा दिया। वीडियो में सैकड़ों लोग बैरिकेड्स तोड़ते नजर आए, जो जनता के गुस्से को दिखाता है।
फौज की गोलीबारी के बावजूद नहीं झुके लोग
JAAC ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने निर्दोष और निहत्थे लोगों पर गोलियाँ चलाई हैं। कुछ मौतें पाकिस्तानी फौज की गोलाबारी और तोपखाने की फायरिंग से हुईं। इन मौतों के बावजूद भी लोगों का मुजफ्फराबाद की ओर मार्च नहीं रुका। प्रदर्शनकारी फौज की बाधाओं को तोड़कर राजधानी की ओर बढ़ रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँगें
यह आंदोलन सिर्फ महँगाई और बिजली बिलों से राहत के लिए नहीं है। JAAC ने 38 बड़ी माँगें रखी हैं। इनमें सबसे अहम है, कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों को खत्म करना।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सीटों के कारण उनकी आवाज कमजोर होती है। इससे इस्लामाबाद का नियंत्रण इस क्षेत्र पर बना रहता है। JAAC नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो वे ‘प्लान D’ लागू करेंगे।
पाक फौज के हवाई हमले और आतंकियों से गुस्सा
हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा के एक गाँव पर पाकिस्तानी एयरफोर्स के हवाई हमले में 30 नागरिकों की मौत हो गई थी। इस घटना से जनता का गुस्सा और भड़क गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार उन्हें सिर्फ ‘बलि का बकरा’ मानती है।
आतंकी संगठनों जैसे जैश-ए-मोहम्मद की बढ़ती मौजूदगी से भी लोग चिंतित हैं। ये आतंकी अब इस इलाके में अपना ठिकाना बना रहे हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

