पंजाब में कबड्डी खिलाड़ियों की लगातार हो रही हत्याओं ने दहशत फैला दी है। मंगलवार रात (4 नवंबर 2025) लुधियाना में 23 साल के नेशनल लेवल कबड्डी खिलाड़ी गुरविंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हत्या की जिम्मेदारी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर ली है।
जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त गुरविंदर अपने दोस्तों के साथ एक मेडिकल स्टोर पर थे, तभी हमलावरों ने अचानक गोलियां चला दीं। गुरविंदर ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया, जबकि उनका दोस्त गंभीर रूप से घायल है। इस हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए गैंग ने खुली धमकी दी है कि ‘जो हमारे दुश्मनों का साथ देंगे, अगली गोली उनकी छाती में जाएगी।’
कबड्डी खिलाड़ी क्यों हैं गैंग के निशाने पर?
पिछले कुछ सालों में पंजाब में 10 कबड्डी खिलाड़ियों का कत्ल किया जा चुका है। कबड्डी का यह खेल अब सिर्फ गाँव का खेल नहीं रहा, बल्कि पैसा (करोड़ों का सट्टा), पावर और शोहरत का बड़ा मंच बन चुका है।
एनआईए (NIA) की चार्जशीट से खुलासा हुआ है कि पंजाब के गैंगस्टर और ड्रग माफिया इस खेल में घुस चुके हैं। कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया में होने वाले NRI कबड्डी टूर्नामेंट्स में करोड़ों का सट्टा लगता है।
आपराधिक गैंग्स खिलाड़ियों को धमकाकर मैच फिक्स करवाते हैं या जबरदस्ती उन्हें अपने ग्रुप में शामिल करते हैं। जब कोई खिलाड़ी एक गैंग से जुड़ जाता है, तो वह अपने आप दूसरे गैंग का दुश्मन बन जाता है। इंटरनेशनल खिलाड़ी संदीप सिंह की 2022 में हुई हत्या भी इसी तरह गैंग्स की आपसी दुश्मनी से जुड़ी थी।
पुलिस अब कबड्डी टूर्नामेंट्स की फंडिंग और गैंग्स के ‘कॉन्टेक्ट सर्कल’ की गहराई से जाँच कर रही है ताकि खेल को अपराध की इस दलदल से बाहर निकाला जा सके।

