पंजाब में आतंकी साजिश नाकाम: मलेशिया से चल रहे ISI समर्थित ‘ग्रेनेड अटैक मॉड्यूल’ का भंडाफोड़, 10 गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित एक बड़े ग्रेनेड अटैक मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मॉड्यूल मलेशिया में बैठे ISI से जुड़े हैंडलर्स के निर्देश पर पंजाब में भीड़-भाड़ वाले इलाकों में धमाके की साजिश रच रहा था।

गुरुवार (13 नवंबर 2025) को पंजाब पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ISI से संचालित ग्रेनेड अटैक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और इसके 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित संचालकों के संपर्क में था, जो मलेशिया में स्थित तीन हैंडलर्स के माध्यम से निर्देश भेजते थे। इनका उद्देश्य पंजाब में किसी भीड़-भाड़ वाले इलाके में ग्रेनेड हमला करना था।

कैसे काम करता था यह मॉड्यूल?

पुलिस के मुताबिक, आरोपित पाकिस्तान स्थित अपने संचालकों से लगातार संपर्क में थे। मलेशिया में बैठकर तीन लोग- अजय उर्फ अजय मलेशिया, जैस बेहबाल और पवनदीप, इन निर्देशों का आदान-प्रदान कर रहे थे।

पुलिस ने बताया कि इन तीनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, क्योंकि ये तीनों मूल रूप से राजस्थान के श्रीगंगानगर के निवासी हैं और अब मलेशिया में रह रहे हैं। इनका सीधा संबंध ISI से बताया जा रहा है।

ऑपरेशन की शुरुआत और गिरफ्तारी

यह ऑपरेशन 27 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ था, जब पुलिस ने मुक़्तसर में रहने वाले कुलदीप सिंह को गिरफ्तार किया था। उसके पास से एक चीनी हैंड ग्रेनेड, ब्लैक किट और दस्ताने बरामद हुए थे। बाद में पुलिस ने शेखर और अजय को भी गिरफ्तार किया।

पूछताछ के बाद अमरिका सिंह, परमिंदर उर्फ छीरी और विजय को अलग-अलग जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, फरीदकोट और श्रीगंगानगर से चार अन्य आरोपितों ‘सुखजीत सिंह उर्फ सुख ब्रार, सुखविंदर सिंह, करणवीर सिंह उर्फ विक्की और साजन कुमार उर्फ संजू’ को भी गिरफ्तार किया गया। ये सभी स्थानीय सप्लायर और कुरियर के रूप में काम कर रहे थे।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा

लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि यह जाँच यह स्पष्ट करती है कि मलेशिया में बैठे मास्टरमाइंड पहले ड्रग तस्करी के नेटवर्क का इस्तेमाल करते थे। बाद में इन्हीं नेटवर्क्स के माध्यम से ग्रेनेड की डिलीवरी और हमले की साजिश रची गई। इसके अलावा, अजय मलेशिया का भाई विजय, जो NDPS केस में श्रीगंगानगर जेल में बंद है, भी इस ऑपरेशन का हिस्सा था।